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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ram Mandir: रामनगरी के प्रति समर्पण की गारंटी दे गए PM, लोगों ने दिखाया गजब का उत्साह; दुधमुंहे बच्चों को छाती से लिपटाए प्रधानमंत्री को देखने आईं माताएं

By Rajeev Dixit Edited By: Jeet Kumar
Published: Sun, 31 Dec 2023 03:00 AM (IST)

रामनगरी में रोड शो के दौरान जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अयोध्यावासियों ने एक-दूसरे के लिए स्नेह रस में ...और पढ़ें

रामनगरी के प्रति समर्पण की गारंटी दे गए मोदी
रामनगरी के प्रति समर्पण की गारंटी दे गए मोदी

राज्य ब्यूरो, अयोध्या। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत देश में केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार वाहन बेशक गांव-गांव, शहर-शहर दौड़ रहे हों, लेकिन शनिवार को रामनगरी में रोड शो के दौरान जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अयोध्यावासियों ने एक-दूसरे के लिए स्नेह रस में पगी भाव-भंगिमाओं का प्रदर्शन किया, उससे अयोध्या के प्रति उनके समर्पण की गारंटी स्वत: स्पष्ट थी।

पूस की ठंड के अतिरेक का अहसास कराते सर्द मौसम में सूर्य की अनुपस्थिति और आसमान से झड़तीं शीतजनित महीन बूंदों का सितम भी दोनों ओर से हिलोरें मारती उमंग में बाधा नहीं बन सका। धर्म पथ से लता मंगेशकर चौक होते हुए राम पथ की ओर जैसे-जैसे मोदी का काफिला बढ़ रहा था, सड़क के दोनों तरफ प्रधानमंत्री के अयोध्या अभिनंदन के लिए खड़े नगरवासियों का उल्लास भी वेगवान होता जा रहा था।

छाती से बच्चों को लगाए खड़ी रहीं माताएं

मोदी की तस्वीर को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करने के लिए सड़क किनारे लगीं बल्लियों के पार कमर तक लटके युवा हों या दुधमुंहे बच्चों को छाती से लिपटाए माताएं या फिर रंगारंग प्रस्तुतियां देते कलाकारों की टोलियां। सभी ने अपने-अपने अंदाज में अयोध्या के शृंगार के सूत्रधार का आभार जताया।

आठ किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान काली लैंड क्रूजर के फुट बोर्ड पर खड़े रहे पीएम मोदी

दोपहरी में जब पारा ढुलक कर 14 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा हो तो भी आठ किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान काली लैंड क्रूजर के फुट बोर्ड पर खड़े रहकर मोदी ने भी जनता के स्नेहिल अभिवादन का दूने उत्साह से प्रतिदान किया। फुटबोर्ड पर खड़े-खड़े वह कभी सड़क की बायीं पटरी पर खड़े नगरजनों का हाथ हिलाकर अभिवादन करते तो कभी दाहिनी ओर खड़े लोगों का।

इस मानव शृंखला के बीच जहां कहीं भी स्वस्तिवाचन करते साधु-संत के जत्थे उन पर पुष्प वर्षा करते तो वह दाहिने हाथ के नीचे गाड़ी के दरवाजे को दबाकर फुटबोर्ड पर संतुलन बनाए रखते हुए बायें हाथ को छाती पर रख, उन्हें श्रद्धापूर्वक शीश नवाते।

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त्रेता युग में पुष्पक विमान के आगमन की साक्षी रही अयोध्या

प्रधानमंत्री की यात्रा दशरथ नंदन की नगरी को रेल की पटरियों के माध्यम से जनक सुता की जन्मस्थली से जोड़ने का माध्यम बनीं तो त्रेता युग में पुष्पक विमान के आगमन की साक्षी रही अयोध्या का हवाई सेवा से साक्षात्कार कराने का अवसर भी साबित हुई। रोड शो के दौरान सड़क के दोनों ओर बने भवनों की दीवारों पर लगे ‘मोदी की गारंटी’ के पोस्टर प्रधानमंत्री की इस अयोध्या यात्रा के उद्देश्य को दीवार पर अनलिखी इबारत की तरह बयां कर रहे थे।

अयोध्यावासियों के अभिनंदन से अभिभूत मोदी मानो रामनगरी के प्रति अपने समर्पण की गारंटी दे रहे हों। बाद में अपनी जनसभा में उन्होंने विकास रूपी आभूषणों से भव्य, दिव्य और नव्य अयोध्या के शृंगार के अपने संकल्प को दोहरा कर इस गारंटी को और पुख्ता किया।