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UP News: महंत राजूदास ने भाजपा की हार का ठीकरा प्रशासन पर फोड़ा, नाराज डीएम ने हटाई सुरक्षा

राजूदास की सुरक्षा हटाने को भाजपा की हार में अधिकारियों की भूमिका को लेकर उनके आपत्तिजनक बयान से जोड़ा जा रहा है। राजूदास की सुरक्षा दो दिन पहले ही घटाई गई थी। राजूदास का कहना है कि जिला प्रशासन उनकी हत्या कराना चाहता है। इसी कारण उनकी सुरक्षा वापस ली गई है। योध्या के कई व्यापारियों व अन्य लोगों ने राजूदास की गंभीर शिकायतें की हैं।

By Jagran News Edited By: Jeet Kumar Sat, 22 Jun 2024 06:00 AM (IST)
महंत राजूदास ने भाजपा की हार का ठीकरा प्रशासन पर फोड़ा, डीएम ने हटाई सुरक्षा

 जागरण संवाददाता, अयोध्या। हनुमानगढ़ी से जुड़े संत राजूदास की सुरक्षा हटा ली गई है। राजूदास की सुरक्षा दो दिन पहले ही घटाई गई थी। राजूदास की सुरक्षा हटाने को भाजपा की हार में अधिकारियों की भूमिका को लेकर उनके आपत्तिजनक बयान से जोड़ा जा रहा है। राजूदास के जीवन भय को देखते हुए उनकी सुरक्षा में तीन गनर तैनात थे, जिसमें दो पहले हटाए गए और अब बचा एक गनर भी हटा लिया गया है।

राजूदास ने जिला प्रशासन पर लगाए आरोप

राजूदास का कहना है कि जिला प्रशासन उनकी हत्या कराना चाहता है। इसी कारण उनकी सुरक्षा वापस ली गई है। भाजपा की हार पर कुछ दिन पहले राजूदास का एक बयान इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था, जिसमें उन्होंने पार्टी की हार के कारणों में प्रशासन की कार्यशैली को भी जिम्मेदार बताते हुए अधिकारियों के प्रति अनुचित शब्द कहे थे। सरयू होटल में गुरुवार रात जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह व राजूदास आपस में वार्ता कर रहे थे।

राजूदास डीएम में ढनी

राजूदास फैजाबाद लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी की हार पर अपना मत दे रहे थे। इसी दौरान डीएम भी वहां पहुंचे। डीएम इतने क्षुब्ध थे कि उन्होंने राजूदास के साथ बैठने से ही नहीं बल्कि साथ भोजन करने से भी साफ इनकार कर दिया और होटल से बाहर आने लगे।

मंत्रियों ने उन्हें साथ भोजन करने के लिए कहा, लेकिन डीएम होटल से चले गए। इसके बाद राजूदास की सुरक्षा में तैनात एक मात्र सुरक्षा कर्मी को भी हटा दिया गया। दो दिन पहले ही उनकी सुरक्षा को कम कर दिया गया था।

अयोध्या के कई व्यापारियों ने राजूदास के खिलाफ की शिकायतें

जिलाधिकारी नितीश कुमार का कहना है कि राजूदास का आपराधिक इतिहास रहा है और जांच में पाया गया कि राजूदास सिर्फ सरकारी सुरक्षा हासिल करने के लिए आए दिन विवादास्पद बयान देते रहते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा वापस ली गई है। अयोध्या के कई व्यापारियों व अन्य लोगों ने राजूदास की गंभीर शिकायतें की हैं।