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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिंदू राष्ट्र के लिए अन्न-जल त्यागने वाले जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने समाप्त किया अनशन, राम मंदिर पर कही यह बात

By Raghuvar SharanEdited By: Shivam Yadav
Published: Tue, 21 Nov 2023 12:47 AM (IST)

हिंदू राष्ट्र के लिए अन्न-जल त्याग कर 14 दिनों से अपने आश्रम तपस्वी जी की छावनी में अनशनरत जगद्गुरु परमहंस ...और पढ़ें

अयोध्या के तपस्वी छावनी में हिंदू राष्ट्र के लिए अनशनरत जगदगुरु परमहंस आचार्य काे पंचामृत पिलाकर अनशन समाप्त कराते महंतगण।
अयोध्या के तपस्वी छावनी में हिंदू राष्ट्र के लिए अनशनरत जगदगुरु परमहंस आचार्य काे पंचामृत पिलाकर अनशन समाप्त कराते महंतगण।

संवाद सूत्र, अयोध्या। हिंदू राष्ट्र के लिए अन्न-जल त्याग कर 14 दिनों से अपने आश्रम तपस्वी जी की छावनी में अनशनरत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त किया। 

जानकीघाट बड़ास्थान के महंत जन्मेजयशरण, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेशदास, निर्वाणी अनी के श्रीमहंत मुरलीदास, संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास, हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत राजेश पहलवान, महंत सत्यदेवदास, पुजारी हेमंतदास आदि से युक्त धर्माचार्यों के शीर्ष प्रतिनिधि मंडल ने पंचामृत पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। 

प्राण प्रतिष्ठा के बाद व्यापक जन आंदोलन 

इस अवसर पर परमहंस आचार्य ने कहा, 22 जनवरी को नवनिर्मित मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को ध्यान में रख कर और संतों के आग्रह पर उन्होंने अपना अनशन खत्म किया है, किंतु हिंदू राष्ट्र के लिए उनका अभियान चलता रहेगा। वह रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हिंदू राष्ट्र के लिए व्यापक जन आंदोलन छेड़ेंगे। 

हिंदू राष्ट्र को लेकर पक्ष स्पष्ट करे भाजपा

अनशन के दौरान मिले व्यापक समर्थन से उत्साहित परमहंस आचार्य ने भाजपा सरकार और नेतृत्व से हिंदू राष्ट्र को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा और हिंदू राष्ट्र का समर्थन न करने पर उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ किसी और विकल्प पर विचार करने की चेतावनी भी दी। 

इससे पूर्व महंत जनमेजय शरण ने कहा, रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा एक प्रकार से राम राज्य की आधारशिला है और इस अवसर पर किसी संत का अनशन करना असह्य था, हम परमहंस आचार्य के प्रति आभारी हैं कि उन्होंने संतों के प्रतिनिधि मंडल के आग्रह को स्वीकार करते हुए अनशन समाप्त किया। महंत अवधेशदास ने कहा, हम सभी हिंदू राष्ट्र निर्माण के पक्षधर हैं।

हिंदू राष्ट्र के लिए की लामबंदी

हिंदू राष्ट्र के लिए अनशन करने वाले जगद्गुरु परमहंस आचार्य के अनशन की ओर सरकार ने भले गौर नहीं किया, किंतु वह हिंदू राष्ट्र के पक्षधर लोगों को लामबंद करने में कामयाब जरूर हुए। 14 दिनों के दौरान देश के विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का जत्था अनशन स्थल पर पहुंच कर उनके प्रति समर्थन व्यक्त करता रहा। 

इनमें बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान, हरियाणा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोग रहे। परमहंस आचार्य पूर्व में भी हिंदू राष्ट्र तथा राम मंदिर के लिए 15-15 दिनों तक कई चक्र में अनशन करते रहे हैं।

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