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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अयोध्या में डेंगू का डंक : 70 दिनों में मिले 459 डेंगू मरीज, अस्पताल में मरीजों की भीड़; बचाव में विभाग ने उतारीं टीमें

Published: Mon, 11 Nov 2024 09:00 PM (IST)

मरीजों में दहशत इस कदर है कि वे चिकित्सकों से डेंगू जांच कराने के लिए जिद पर अड़ जा रहे ...और पढ़ें

अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

संसू, अयोध्या। डेंगू के डंक से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी बढ़ रही है। रामनगरी में संख्या 500 के करीब पहुंच गई। इसमें सिर्फ 70 दिनों में ही 459 रोगी मिले हैं। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है। इसी कारण जिले के अस्पतालों में बुखार के रोगियों की भीड़ लगी हुई है।

मरीजों में दहशत इस कदर है कि वे चिकित्सकों से डेंगू जांच कराने के लिए जिद पर अड़ जा रहे हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय जैन डेंगू मरीजों की जांच, इलाज और भर्ती करने के लिए भरपूर तैयारी का दावा कर रहे हैं। साथ ही इससे बचाव के लिए जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीमें भेज रहे हैं।

रोगियों की संख्या पहुंची 486

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रविवार को जारी डेंगू मरीजों की सूची के आधार पर जिले में रोगियों की संख्या अब तक 486 पहुंच गई है। इसमें से 222 रोगी शहर की कालोनियों तथा 264 गांवों के शामिल हैं। यह संख्या दो माह दस दिन में देखें तो सितंबर में 126, अक्टूबर में सबसे अधिक 241 तथा दस नवंबर तक 92 रोगी मिल चुके हैं।

452 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं और 34 का इलाज चल रहा है। वहीं, बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर ही नहीं गावों में भी लोगाें को बुखार और बदन दर्द होने पर डेंगू के डंक का डर सता रहा है और वह जांच कराने में जुटे हैं। जिला एपिडीमियोलाजिस्ट डा. अरविंद श्रीवास्तव ने डेंगू से डरने के बजाय सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।

कैसे करें डेंगू से बचाव-

सीएमओ डा. संजय जैन ने कहाकि घर के टूटे-फूटे बर्तन, प्रयोग हो चुके प्लास्टिक के कप, प्लेट, डिब्बा, डिब्बी, पुराने टायर आदि को कबाड़ी को दें नहीं तो बस्ती से दो सौ मीटर की दूरी पर जमीन में दबा दें। इसके अलावा छत और टिन शेड के नीचे में उल्टा करके भी रख सकते हैं।

फ्रिज, कूलर ट्रे, गमले व कूलर रगड़कर साफ करें और उसका पानी बदलें। पानी की टंकियों को ढंक कर रखें। वृक्षों के सुराख में पानी रुकने पर मिट्टी भर दें। घरों और आसपास साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। बुखार आए तो चिकित्सक से परामर्श लें। मच्छर से बचाव वाली क्रीम का उपयोग करें। पूरी बांह की शर्ट पहनें और पैरों को ज्यादा से ज्यादा ढंक कर रखें।