यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गलनभरी ठंड में भी राम मंदिर में जुटी भक्तों की भीड़, प्रभु को सर्दी से बचाने के लिए लगाए गए दो ऑयल हीटर
राम मंदिर में पहुंचने वाले राम भक्तों के उत्साह पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। नव वर्ष ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अयोध्या। मौसम में बदलाव के कारण भले वातावरण में भीषण ठंड व गलन हो, पर राम मंदिर में पहुंचने वाले राम भक्तों के उत्साह पर इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। नव वर्ष के अभिनंदन में तीसरे दिन शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और रामलला का दर्शन-पूजन कर अपनी मनौती मांगी। रामजन्मभूमि पथ पर दिन भर खूब भीड़ रही।
सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे तक मंदिर में दर्शन सुचारु रूप से चलता रहा। यद्यपि दूरदराज से आने वाले भक्तों की संख्या नव वर्ष के प्रथम दिन जैसी नहीं रही, लेकिन गलन भरी ठंड में भी भक्तों की उत्सुकता कहीं से कम नहीं दिख रही। राम मंदिर से कुछ कदम की दूरी पर स्थित हनुमानगढ़ी का भी यही हाल रहा। यहां भी बड़ी संख्या में बजरंगबली के भक्त पहुुंचे और दर्शन-पूजन कर भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त से आशीर्वाद लिया।
बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
शुक्रवार की सुबह से ही राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल व राम की पैड़ी सहित रामनगरी के प्रमुख स्थलों पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। दूरदराज से आए लोग अपने आराध्य का दर्शन करके आनंदित होते रहे और स्वजनों के साथ होटलों, रेस्टोरेंट व उद्यानों में अलग-अलग अंदाज में नववर्ष मनाते रहे।
सीबीआइ निदेशक ने भी किया रामलला का दर्शन
अयोध्या: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के निदेशक प्रवीण सूद भी शुक्रवार अपराह्न राम मंदिर में पहुंचे। पांच स्वजनों के साथ लगभग 12:30 बजे मंदिर में पहुंचे निदेशक का श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डा. अनिल कुमार मिश्र ने स्वागत किया और साथ ले जाकर मंदिर में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन कराया और रामलला का विशेष प्रसाद प्रदान किया। इस अवसर पर राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित अन्य कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

दो आयल हीटर लगा भीषण ठंड से बचाए जा रहे रामलला
राम मंदिर में विराजमान रामलला को दो आयल हीटर की ऊष्मा के माध्यम से भीषण ठंड व शीतलहरी से बचाया जा रहा है। ये दोनों हीटर गर्भगृह के अंदर रामलला की मूर्ति के पूर्व व पश्चिम दिशा में लगाए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से शुक्रवार को इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई है।
बताया जा रहा है कि इन हीटरों की विशेषता यह है कि ये धीरे-धीरे गर्म होते हैं और बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के बाद भी ढाई घंटे तक ऊष्मा प्रदान करते हैं। इसके अलावा रामलला को सर्दी से सुरक्षित रखने के लिए गर्म कपड़े, रजाई, गुनगुना पानी, गर्मी देने वाला भोजन और कलेवा पहले से ही उपयोग में लाया जा रहा है।
