विवाहिता की हत्या मामले में पति को आजीवन कारावास, सास दोषमुक्त; 15 हजार जुर्माना भी लगा
अयोध्या में विशेष न्यायाधीश विजय कुमार विश्वकर्मा ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के दोषी संदीप कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। संदीप पर पत्नी को प्रताड़ित करने और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के उल्लंघन का भी आरोप था। पुलिस ने संदीप उसकी सास और ससुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। विशेष न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय विजय कुमार विश्वकर्मा ने दहेज के लिए पत्नी की गला दबा कर हत्या करने में दोषी पाए संदीप कुमार को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसी के साथ पत्नी को प्रताड़ित करने में दो वर्ष का सश्रम कारावास तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक वर्ष के कारावास से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपित पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संदीप की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
शासकीय अधिवक्ता रंजीत मिश्र के अनुसार पटरंगा के नियामतपुर के रहने वाले रामसरन ने पटरंगा थाने में दहेज के लिए उनकी पुत्री शिमता की पीट-पीट कर हत्या कर दिए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई। कहा कि उनकी पुत्री का विवाह दो वर्ष पूर्व संदीप कुमार के साथ हुआ था।
शादी के बाद से ही संदीप, सास रामप्यारी, ससुर रामसेवक, जेठानी सरोज कुमार तथा जेठ पवन कुमार ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरु कर दिया और पांच सितंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने पति, सास व ससुर के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र भेजा। न्यायालय का निर्णय आने तक ससुर रामसेवक की मृत्यु हो गई।
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