विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: यूपी के इस सरकारी अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में हुआ इलाज, गायब है बिजली

Published: Mon, 12 May 2025 06:54 PM (IST)

अयोध्या के जिला अस्पताल परिसर में स्थित पुराने सीएमओ कार्यालय में तीन दिनों से बिजली गुल है जिससे मानसिक रोगियों ...और पढ़ें

तीन दिनों से बिजली गायब, टार्च की रोशनी में हुआ इलाज
तीन दिनों से बिजली गायब, टार्च की रोशनी में हुआ इलाज

HighLights

  1. अस्पताल में तीन दिनों से बिजली नहीं
  2. मानसिक रोगियों का उपचार प्रभावित
  3. गर्मी से परेशान मरीज और डॉक्टर ()

जागरण संवाददाता, अयोध्या। जिला अस्पताल परिसर स्थित पुराने सीएमओ कार्यालय में तीन दिनों से बिजली नहीं है। इस भवन में मानसिक रोग ओपीडी, जिला फाइलेरिया अधिकारी,जिला होम्योपैथी अधिकारी तथा दिव्यांग बोर्ड कार्यालय हैं। रोगी से लेकर तीमारदार पंखे ठप हाेने से भीषण गर्मी में पसीना पोछते नजर आए।

मानसिक रोग ओपीडी में अंधेरा पसरा हाेने से चिकित्सक टार्च की रोशनी में रोगियों का उपचार करने को मजबूर दिखे। इसी तरह सुबह से जिला अस्पताल में भी बिजली कटौती के चलते जनरेटर का सहारा लिया गया। दोपहर 12 बजे अचानक जनरेटर ठप हो जाने से वार्डों में अंधेरा छाने के साथ पंखे बंद गये।

मरीजों पर तीमारदार झलते रहे गमछा

गर्मी से परेशान भर्ती रोगियों पर तीमारदार गमछे झलते रहे।  अस्पताल परिसर में स्थित एक भवन में पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय संचालित होता था।

वह कार्यालय अब दर्शननगर में स्थानांतरित हो जाने से उसमें अब जिला अस्पताल का मानसिक रोग ओपीडी, दिव्यांग बोर्ड, जिला फाइलेरिया अधिकारी तथा जिला होम्योपैथिक अधिकारी का कार्यालय स्थापित है। इसी भवन में तीन दिनों से किसी वजह से बिजली आपूर्ति बाधित है।

भवन सीएमओ के अधीन होने से जिला अस्पताल प्रशासन उसे ठीक कराने से हाथ खड़ा कर रहा है, जिससे सिर्फ मानिसक रोग विभाग में ही पहुंचे सौ से अधिक रोगियों का उपचार अंधेरे में पसीने से लथपथ डा. शिशिर वर्मा सहयोगी महिला कर्मचारी की मदद से करने में लगे रहे, जबकि ओपीडी के बाहर काफी संख्या में एकत्रित रोगियों की भीड़ पसीना पोछती रही।

बिजली न हाेने की जानकारी नहीं थी। इसका पता करवा कर ठीक कराने के लिए आदेश दिया जा रहा है, जिससे रोगियों और चिकित्सकों को किसी तरह की समस्या न हाेने पाए। - डा. सुशील कुमार बानियान सीएमओ