अयोध्या दीपोत्सव में पहली बार सोलह शृंगार शोभायात्रा, सात झांकियों में दिखेंगे रामायण के सातों कांड
अयोध्या दीपोत्सव में इस बार पहली बार 'सोलह शृंगार' के साथ शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें रामायण के सातों कांडों को दर्शाने वाली सात झांकियां शामिल होंगी।

HighLights
पहली बार 'सोलह शृंगार' के साथ निकलेगी शोभायात्रा।
रामायण के सातों कांडों को दर्शाएंगी सात झांकियां।
योगी सरकार की उपलब्धियां दिखाएंगी कुल 21 झांकियां।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने और विकास की नई गाथा लिखने का प्रयास दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भी दिखाई देगा। दसवें दीपोत्सव पर परंपरा, संस्कृति और विकास का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस बार शोभायात्रा पहली बार रामलीला के ‘सोलह शृंगार’ के साथ निकलेगी।
साकेत महाविद्यालय से निकलने वालीं 21 झांकियों के माध्यम से योगी सरकार की उपलब्धियों और रामायण के सातों कांडों को प्रदर्शित किया जाएगा। सूचना विभाग की ओर से उपलब्धियों पर आधारित 14 झांकियां निकाली जाएंगी, जबकि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां तैयार कर रहा है।
साकेत महाविद्यालय में झांकियों के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। पहली बार अयोध्या की 16 टीमें रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को शोभायात्रा के रूप में प्रस्तुत करेंगी। इनके साथ देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य भी रौनक बढ़ाएंगे। हरियाणा का फाग और केरल का कथकली आयोजन के विशेष आकर्षण होंगे।
विकास और विरासत की झलक दिखाएंगी 21 झांकियां
दीपोत्सव में योगी सरकार की विकास यात्रा को लोगों तक पहुंचाने के लिए सूचना विभाग 14 आकर्षक झांकियां निकालेगा। इनमें प्रदेश में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्रों में हुए कार्यों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों- बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित झांकियां तैयार कर रहा है। इन्हें आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का कार्य एक कंपनी को सौंपा गया है।
पहली बार 16 टीमें लेंगी रामलीला शोभायात्रा में हिस्सा
अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी डा. आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि दीपोत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम दिखेगा। विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य अपनी छटा बिखेरेंगे। 14 प्रदेशों के साथ यूपी की 11 टीमें लोक संस्कृति के रंग बिखेरेंगी।
हरियाणा का फाग, केरल का कथकली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया नृत्य तथा बंगाल और मध्य प्रदेश की लोक कलाएं मुख्य आकर्षण होंगी।
लगभग 650 से अधिक कलाकार रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहेंगे। पहली बार जिले की 16 टीमों की रामलीला भी शोभायात्रा के रूप में निकलेगी, जिसमें ‘सोलह शृंगार’ की परंपरा को दर्शाया जाएगा।
सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को दिखाएंगी झांकियां
जिला सूचना अधिकारी अनुराग रंजन ने बताया कि झांकियों में जल जीवन मिशन, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), कृषि एवं पशुपालन, आयुष्मान कैशलेस योजना, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, अयोध्या दीपोत्सव, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर के माध्यम से कराए गए विकास कार्यों की झलक दिखेगी।
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