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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से सबक, अब सीईओ और महासचिव की भी हो रही तलाशी

Published: Sun, 11 Oct 2026 08:04 PM (IST)

Ayodhya Ram Mandir: ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि या मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी गणना कक्ष में निरीक्षण या ...और पढ़ें

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा सबक लिया

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा सबक लिया

HighLights

  1. राम मंदिर के गणना कक्ष में चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद से अब सख्ती काफी बढ़ गई

  2. अब अनधिकृत लोगों को नहीं मिल पाता गणना कक्ष में प्रवेश

  3. गणना कक्ष में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को देनी पड़ रही है तलाशी

  4. ट्रस्ट के पुनर्गठन के साथ बढ़ाई गई सख्ती, प्रत्येक कार्यों को पारदर्शिता के साथ संपन्न करा रहे सीईओ

  5. गणना कक्ष और इसमें कार्यरत कर्मियों के लिए तो एसओपी का पालन

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने और इसकी जांच में तमाम अनियमितताएं मिलने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा सबक लिया है। अब प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता व गोपनीयता बरती जा रही है।

मंदिर प्रांगण के गणना कक्ष और इसमें कार्यरत कर्मियों के लिए तो एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पालन पहले ही शुरू करा दिया गया था, अब अनधिकृत लोगों का प्रवेश भी पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सख्ती ऐसी बरती जा रही कि ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि या मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी गणना कक्ष में निरीक्षण या अन्य कारणों से प्रवेश करते हैं, तो उनकी भी विधिवत तलाशी कराई जाती है।

रामजन्मभूमि परिसर के यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) के बेसमेंट की उत्तर दिशा में गणना कक्ष और दक्षिणी दिशा में सीईओ का कार्यालय स्थित है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट यहां प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही चढ़ावे की गणना करा रहा है।

प्रयागराज महाकुंभ के दिनों में कुछ दिनों तक इसे रामजन्मभूमि पुलिस चौकी के पास स्थानांतरित किया गया था, परंतु बाद में पुन: पीएफसी में ही शिफ्ट कर दिया गया। यहीं गणना के दौरान जून माह में चोरी उजागर हुई है, जिसमें आठ आरोपितों को पुलिस ने जेल भेजा है।

इस प्रकरण की एसआइटी जांच के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गई थीं। न केवल एसओपी का अनुपालन नहीं मिला था, बल्कि कर्मियों के प्रवेश व निकास पर तलाशी का अभाव और अनधिकृत व्यक्तियों का निर्बाध प्रवेश पाया गया था।

ट्रस्ट ने एसओपी का पालन तो एसआइटी की 23 जून को आई प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद से ही शुरू करा दिया था, लेकिन ट्रस्ट के पुनर्गठन के पश्चात ट्रस्टियों के दायित्व में परिवर्तन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति होने के उपरांत सख्ती बैंक व ट्रस्ट दोनों स्तर से बढ़ा दी गई है।

स्वयं सीईओ भी प्रत्येक कार्यों में पारदर्शिता का पालन करा रहे हैं। ट्रस्ट पदाधिकारी भी इसे ध्यान में रखते हैं। सूत्रों ने बताया कि सीईओ ने अब तक दो बार गणना कक्ष में प्रवेश किया है। दोनों बार वह अपनी तलाशी कराकर और मोबाइल लाकर में जमा करके अंदर गए।

महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने भी दोनों बार तलाशी कराई है। दोनों पदाधिकारियों ने ड्रेस कोड का भी पालन किया था। बताया जा रहा कि ट्रस्ट की ओर से अब प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी अनिवार्य कर दी गई है और अनधिकृत लोगों का प्रवेश निषिद्ध किया गया है। सीईओ ने भी तलाशी की बात को स्वीकारा है।

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