विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

साधु के वेश में इस शहर में घूम रहे टप्पेबाज, भिक्षा मांगने के बहाने लोगों को बहकाकर लूट ले जाते थे पहने हुए गहने

Published: Tue, 18 Aug 2026 06:57 PM (GMT+05:30)

औरैया पुलिस ने साधु के वेश में टप्पेबाजी करने वाले मिर्जापुर के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये लोगों ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में आरोपित व बरामद सामान। पुलिस

पुलिस गिरफ्त में आरोपित व बरामद सामान। पुलिस

HighLights

  1. साधु के वेश में टप्पेबाजी करने वाले दो आरोपित गिरफ्तार

  2. ग्रामीणों को बातों में उलझाकर गहने लूटते थे ठग

  3. कानों के टाप्स, अंगूठियां समेत अन्य सामान बरामद

जागरण संवाददाता, औरैया। पुलिस ने टप्पेबाजी की घटना का खुलासा करते हुए साधु के वेश में ग्रामीणों को निशाना बनाने वाले मिर्जापुर जनपद निवासी दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित लोगों को बातों में उलझाकर और भ्रमित कर उनके पहने हुए आभूषण व अन्य कीमती सामान छलपूर्वक हासिल करते थे। कब्जे से कानों के टाप्स, अंगूठियां, लाकेट, मूर्तियां, ताबीज और रुद्राक्ष समेत बड़ी संख्या में सामान बरामद किया गया है।

16 अगस्त को थाना सहायल क्षेत्र के ग्राम बर्रू फफूंद निवासी सुधा पत्नी शैलेन्द्र राठौर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि साधु के वेश में आए दो व्यक्तियों ने छलपूर्वक उनके कानों के टाप्स ले लिए। शिकायत के आधार पर दो अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया।

इसी क्रम में सोमवार देर शाम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना पर थाना सहायल पुलिस ने दिबियापुर क्षेत्र में करीब शाम 6:40 बजे फफूंद रेलवे स्टेशन से आगे बिजलीघर के पास कानपुर की ओर दो संदिग्धों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 40 वर्षीय टमाटर पुत्र कुट्टी, निवासी ग्राम निगातपुर, थाना कछवा, जनपद मिर्जापुर तथा 20 वर्षीय फिरोज पुत्र काशी के रूप में हुई है। सहायल थाना प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें इटावा जेल भेजा गया है।

पूछताछ में पता लगा तरीका, भिक्षा मांगने के बहाने जाते थे

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे गांव और ग्रामीण क्षेत्रों में भिक्षा मांगने के बहाने जाते थे। वहां महिलाओं और भोले-भाले ग्रामीणों को अपनी बातों में उलझाकर तथा भ्रमित कर उनके पहने हुए आभूषण और घर में रखी कीमती वस्तुएं हासिल कर लेते थे। सफलता न मिलने पर वे भिक्षा मांगकर या खाली हाथ लौट जाते थे। कथित रूप से हासिल किए गए आभूषण व अन्य सामान को आसपास के बाजारों में बेचकर मिली रकम आपस में बांट लेते थे।

यह सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपितों के पास से दो जोड़ी पीली धातु के कानों के टाप्स, आठ पीले रंग की अंगूठियां, चार लाकेट, तीन मूर्तियां, छह पीले रंग के ताबीज, 10 रुद्राक्ष जिनमें नीचे कैप लगी हुई थी तथा 11 सफेद रंग के ताबीज बरामद किए हैं। कानों के टाप्स को पुलिस ने शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई घटना से संबंधित बताया है।

यह भी पढ़ें- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बाद अब गंगा एक्सप्रेसवे में खामी, 5 मीटर धंसी सड़क; पुल के बाद मिट्टी धंसने से मचा हड़कंप

यह भी पढ़ें- कानपुर देहात में 2010 की खौफनाक वारदात का 16 साल बाद फैसला, केरोसिन डालकर किशोर को जलाकर मारने वाली महिला को उम्रकैद