अमरोहा में न्यू अपोलो अस्पताल का पंजीकरण रद, संचालकों के खिलाफ दी तहरीर
न्यू अपोलो अस्पताल में झोलाछाप ही मरीजों का आपरेशन कर रहे थे। पूरी जांच पड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल का पंजीकरण रद कर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज के लिए पुलिस को तहरीर दी है। इससे अस्पताल स्टाफ में खलबली मची हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में सेवा देने वाले सभी चिकित्सकों की जांच के आदेश भी दिए हैं।

जेएनएन, अमरोहा : न्यू अपोलो अस्पताल में झोलाछाप ही मरीजों का आपरेशन कर रहे थे। पूरी जांच पड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल का पंजीकरण रद कर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज के लिए पुलिस को तहरीर दी है। इससे अस्पताल स्टाफ में खलबली मची हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में सेवा देने वाले सभी चिकित्सकों की जांच के आदेश भी दिए हैं।
न्यू अपोलो अस्पताल का संचालन मसूदपुर नवादा के नबाब अली और अनिता संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इसमें अस्पताल का पंजीकरण सम्भल निवासी सर्जन डा. तौसीफ के नाम पर था। संचालक सर्जन चिकित्सक की आड़ में झोलाछाप से मरीजों के आपरेशन करा रहे थे। पांच माह पूर्व भी नौगावां सादात क्षेत्र के गांव निवासी गर्भवती प्रियंका की भी झोलाछाप के आपरेशन से मौत हो गई थी। इससे विभाग ने समझौता करा दिया था। अब 24 मार्च को बम्बूगढ़ निवासी महेंद्र की पत्नी मीना के आपरेशन को बीच में छोड़कर झोलाछाप उल्टे-सीधे टांके लगाकर फरार हो गया था।। झोलाछाप उस दिन चार आपरेशन किए थे। नोडल अधिकारी डा. की जांच पड़ताल में इसका पर्दाफाश हुआ था। सर्जन चिकित्सक तौसीफ ने भी कोई आपरेशन नहीं करने की बात कबूली है। इसका शपथ पत्र सीएमओ डा. संजय अग्रवाल को सौंप दिया है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता लेते हुए अस्पताल का पंजीकरण रद कर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है। अस्पताल गेट पर लिए कई बड़े चिकित्सकों के नाम
नोडल अधिकारी डा. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल के गेट पर मरीजों को सेवा देने वाले कई नामचीन बड़े-बड़े चिकित्सकों के नाम लिख रखे हैं। मौके पर एक भी चिकित्सक नहीं मिला था। डा. सुरेंद्र ने बताया जितने भी चिकित्सक हैं उनकी जांच कराई जाएगी।
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