Weather Update: पश्चिमी यूपी में चक्रवाती तूफान का खतरा! मौसम विभाग ने जारी किया 28 मई का अलर्ट, अपनाएं बचाव के तरीके
पश्चिमी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में 28 मई को चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार तूफान के साथ वर्षा की भी आशंका है। इस दौरान फलदार पेड़ों को अधिक नुकसान हो सकता है। नागरिकों को सावधान रहने और बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है। पिछली बार की तुलना में तूफान की गति कम रहने की संभावना है।

सौरव प्रजापति, गजरौला। Weather Update: चक्रवाती तूफान...। इस शब्द के पीछे छिपे मंजर से काफी डर लगता है। क्योंकि जब-जब तूफान आता है, तभी नुकसान होता है। अभी हाल में आए तूफान के नुकसान की भरपाई हुई भी नहीं थी कि एक बार फिर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के साथ पश्चिमी उत्तर-प्रदेश में वर्षा के साथ तूफान द्वारा तबाही मचाने का अनुमान है। इसलिए अभी से ही सावधान रहना है और बचाव की तैयारियों को पूरा करना है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक चक्रवाती तूफान कम दबाव वाले इलाकों की गर्म हवा के ऊपर पहुंचाने से उत्पन्न होता है। क्योंकि कम दबाव वाली गर्म हवा को अधिक दबाव वाली ठंडी हवा अपनी तरफ खींचती हैं। इस बार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में गर्म हवाओं से यह तूफान बनने की आशंका है। खास बात यह है कि इस तूफान की हवा सीधा नहीं बल्कि घूमते हुए गोल घेरा बनाकर चलती है। यही वजह है कि हवा के झोको में फंसकर बिजली के पोल, पेड़ आदि गिर जाते हैं।
इस क्रम में एक बार फिर यह तूफान के वर्षा के साथ 28 मई को आने का अनुमान है। हालांकि राहत की बात यह भी है कि इस बार आने वाले तूफान की गति पिछली बार 21 मई की रात को आए तूफान की गति से कम होगी। वैज्ञानिक यह भी बताते हैं कि इस तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान फलदार पेड़ों को होता है। जैसे आम, लीची और चिकू हैं।
चक्रवाती तूफान के बचाव
- यदि आपके पास वाहन है और आप घर से बाहर निकलना चाहते हो तो आरंभिक चेतावनी के समय ही घर से निकल जाएं।
- तूफान के तुरंत बाद गाड़ी न चलाएं क्योंकि भारी बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं।
- अपने घर की बिजली की मुख्य लाइन बंद कर दें।
- सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- तूफान से बचाव के लिए शटर लगायें या खिड़कियों पर शीशे लगायें।
- अधिकारिक चक्रवात चेतावनी से अवगत रहें।
- पेड़ों की छंटाई करें कि वे तूफान के दौरान टेलीफोन या बिजली की लाइनों पर न गिरें।
- अपने मोबाइल फोन को पूरी तरह चार्ज रखें तथा टॉर्च जैसे अन्य उपकरण अपने पास रखें, क्योंकि चक्रवात के दौरान बिजली कटौती हो सकती है।
- आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट तैयार रखें।
- अपनी संपत्ति के आसपास कोई भी नुकीली वस्तु न छोड़ें, क्योंकि तेज हवाओं के दौरान वे लोगों को घायल कर सकती हैं।
- चक्रवात के दौरान ध्वस्त इमारतों से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है।
बिजली विभाग भी सतर्क, मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की संपर्क में
दरअसल, जब-जब आंधी-तूफान और वर्षा एक साथ आते हैं तो सबसे ज्यादा नुकसान बिजली विभाग को होता है। हाल में ही पिछले डेढ़ माह में आए आंधी-वर्षा की वजह से गजरौला जोन में बिजली विभाग को लगभग पांच करोड़ रुपये का नुकसान है। इसलिए जब तूफान-आंधी का जिक्र या फिर अलर्ट आता है तो विभाग भी सतर्क हो जाती है। बाकी हालात पर नजर रखने के लिए बिजली विभाग के लोग भी मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के संपर्क में रहते हैं।
पश्चिमी उत्तर-प्रदेश, उत्तरखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में 28 मई को चक्रवाती तूफान आने का अनुमान है। उसके साथ वर्षा के भी पूरे संकेत हैं। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासनिक स्तर पर जो गाइडलाइन मिलती हैं तो उन्हें अपनाएं। हां, यह सुकून की बात होगी कि इस बार जो तूफान आने का अनुमान है। उसकी गति पिछली बार आए तूफान से कम होने संभावना है। डा. उदय प्रताप शाही, मौसम वैज्ञानिक, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।
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