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    सिपाहियों के साथ मिल कर रहे थे स्मैक तस्करी, SOG और पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 07:28 PM (IST)

    अमरोहा जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के जाल में पुलिस कर्मी भी शामिल पाए गए हैं। सैदनगली पुलिस और एसओजी टीम ने गंगा एक्सप्रेस वे पर दो सिपाहियों समेत छह लोगों को 1340 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों सिपाही आदमपुर थाने की ढबारसी चौकी पर तैनात थे और वे स्मैक को दिल्ली एनसीआर में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

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    स्मैक तस्करी कर रहे 6 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। जागरण

    जागरण संवाददाता, अमरोहा । जिले में फैले नशीले पदार्थों की तस्करी के जाल में पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। रविवार को सैदनगली पुलिस और एसओजी टीम ने गंगा एक्सप्रेस वे पर मुखबिर की सूचना पर दो सिपाही समेत छह लोगों को 1340 ग्राम स्मैक समेत गिरफ्तार किया है।

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    दोनों सिपाही आदमपुर थाने की ढबारसी चौकी पर तैनात थे। मुख्य आरोपित व उसके अन्य चार साथी फरार हैं। दोनों सिपाही बरामद स्मैक को दिल्ली एनसीआर में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

    पांच लोगों को किया गिरफ्तार

    रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया व सीओ हसनपुर दीप कुमार पंत ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस में स्मैक तस्करी के गैंग का राजफाश किया है। उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर रविवार को सैदनगली पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने उझारी ढबारसी मार्ग पर गंगा एक्सप्रेस वे के पुल के नीचे कार संख्या डीएल 4सी एएस 0701 को रोक कर उसमें सवार पांच लोगों को हिरासत में लिया था।

    जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें 1340 ग्राम स्मैक बरामद हुई। गिरफ्तार युवकों ने पूछताछ के दौरान अपने नाम गौरव कुमार निवासी ग्राम सांथलपुर अधेक, नाजिम निवासी ग्राम गारापुर थाना आदमपुर, आदिल निवासी ग्राम फूलपुर थाना रहरा तथा एक नाबालिग बताए। जबकि दो अन्य आरोपित योगेश कुमार निवासी कस्बा जहांगीरपुर थाना जेवर जनपद गौतमबुद्धनगर, आशु सैनी निवासी बहरामगढ थाना भोराकलां जनपद मुजफ्फरनगर थे। उन्होंने बताया कि योगेश व आशु सिपाही हैं तथा वर्तमान में दोनों की तैनाती आदमपुर थाने की ढबारसी चौकी पर थी।

    पांच मोबाइल और 3490 रुपये बरामद 

    उनके पास से पांच मोबाइल, 3490 रुपये भी बरामद हुए हैं। एएसपी ने बताया कि स्मैक तस्करी करने वाले गैंग का मुख्य आरोपित मयंक निवासी गांव साथलपुर व नितिन निवासी ढबारसी हैं। मयंक, नितिन नाजिम, आदिल, गौरव व नाबालिग आरोपित आपस में दोस्त हैं। नितिन ने गौरव को बताया था कि मयंक के पास स्मैक है। जिसकी कीमत लाखों रुपये में है। इसकी जानकारी मिलने पर नाजिम ने सारी स्मैक हड़पने का षडयंत्र रचा।

    उसने अपनी पहचान वाले दोनों सिपाही योगेश व आशु को इसके बारे में बताया। योजना के मुताबिक 19 जुलाई को नाजिम ने स्मैक खरीदने के बहाने नितिन व मयंक को बुलाया था। जहां पर दोनों सिपाही पहुंच गए थे। लिहाजा नितिन व मयंक और उनके अन्य साथी स्मैक छोड़ कर फरार हो गए थे। जिसके बाद दोनों सिपाही व नाजिम ने स्मैक अपने कब्जे में ले ली थी।

    अब रविवार को सभी गिरफ्तार आरोपित कार में सवार होकर स्मैक को दिल्ली एनसीआर में बेचने के लिए जा रहे थे। एसपी अमित कुमारक आनंद ने बताया कि आरोपित दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।