अमेठी: संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को पीड़ित फिर न्याय मांगने पहुंचे। वह बार-बार अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकारी समाधान नहीं दे रहे हैं। शनिवार को मुसाफिरखाना तहसील में चार फरियादी ऐसे मिले जो एक नहीं कई बार शिकायती पत्र दे चुके हैं, पर उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। एक महिला पांचवीं बार न्याय मांगने आई थी। वह आठ बिस्वा पट्टे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए भटक रही है।

जगदीशपुर के कचनाव निवासी सुखमता ने रोते हुए पांचवीं बार समाधान दिवस में डीएम को अपना दर्द सुनाया। उसे 2014 में आठ बिस्वा पट्टा मिला है पर अब तक उसको कब्जा नहीं मिल सका है। बाजार शुक्ल के रामगोपाल यादव के बैनामे की जमीन की खारिज दाखिल नही हो पा रही है। मुसाफिरखाना के मुबारकपुर निवासी दयाराम रास्ते की शिकायत लेकर आए थे। वह कई बार चक्कर काट चुके हैं। कचनाव के शंकर लाल तालाब को मुक्त कराना चाहते हैं। समाधान दिवस में शनिवार को 281 फरियादी न्याय मांगने पहुंचे जिसमें से 19 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। मुसाफिरखाना में 94 पीड़ित न्याय मांगने आए थे जिसमें से चार शिकायतें निस्तारित की गई।

गौरीगंज में 92 फरियादी आए। यहां भी चार का निस्तारण किया गया। तिलोई में 30 पीड़ित आए तीन शिकायतें निस्तारित की गई। अमेठी में 65 फरियादी आए, जहां आठ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी राकेश मिश्र और पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने कोविड नियमों का पालन करते हुए पीड़ितों की समस्याओं को सुना। अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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