अमेठी : भारत-रूस समझौते के तहत बनने वाले कलाश्निकोव राइफल 203 का निर्माण मुंशीगंज स्थित आयुध निर्माणी में होने से अमेठी को नई पहचान मिलेगी। मेड इन अमेठी लिखी राइफल जब सेना के हाथ में होगी और आतंक के साथ दुश्मन का काम तमाम करेंगी तो अमेठी को खुद पर इतराने से कोई रोक नहीं पाएगा। आने वाले समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से कोरवा मुंशीगंज में स्थापित होने वाली परियोजना से अमेठी को विश्व पटल पर पहचान मिलेंगी। अमेठी में बनी राइफलों का निर्यात भी होगा, जिससे भारत ही नहीं दुनिया के दूसरे देशों में भी अमेठी की गूंज सुनाई पड़ेगी। रक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़े निवेश वाली परियोजना की शुरूआत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में कर पीएम मोदी ने एक तीर से कई निशाने एक साथ साधने का काम किया है। -शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली व रोजगार पर रहा पीएम का फोकस

अमेठी के कौहार स्थित सम्राट मैदान पर रविवार को एक साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली व रोजगार पर पीएम मोदी का फोकस एक साथ रहा। उन्होंने बिजली परियोजनाओं के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के निर्मित सीएमओ आफिस व अस्पताल का लोकार्पण किया तो शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित होने वाले केंद्रीय विद्यालय की आधारशिला रखी। स्टील प्रोसेसिंग यूनिट सेल की स्थापना से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने भारत-रूस राइफल प्राइवेट लिमिटेड की आधारशिला रखने के साथ ही पांच सौ 38 करोड़ की बिजली, शिक्षा, स्वास्थ से जुड़ी नौ परियोजनाओं की आधारशिला और नौ परियोजनाओं का शिलान्यास कर अमेठी के विकास की रफ्तार तेज करने की कोशिश की है। इसके साथ विकास परख परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास से विकास को गति प्रदान करेंगे।

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