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    अमेठी हत्‍याकांड: दारोगा से पिस्टल छीन चंदन ने किया हमला, पुलिस ने मारी गोली

    अमेठी के अहोरवा भवानी में शिक्षक पत्नी और दो बेटियों की हत्या के मुख्य आरोपी चंदन वर्मा को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर दिया है। चंदन ने पुलिस टीम पर दारोगा की पिस्टल छीनकर हमला कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चंदन के पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    By Jagran News Edited By: Vivek Shukla Updated: Sat, 05 Oct 2024 07:30 AM (IST)
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    पुलिस ने चंदन के पैर में गोली मारी है। जागरण

    जागरण संवाददाता, अमेठी। शिक्षक, उनकी पत्नी तथा दो बेटियों की गोली मारकर हत्या करने वाला मुख्य आरोपित चंदन वर्मा पुलिस की मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। शुक्रवार देर रात पुलिस हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद करने के लिए उसको लेकर अहोरवा भवानी गई थी।

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    रास्ते में मोहनगंज क्षेत्र के विन्ध्या दिवान नहर पटरी पर झाड़ी के पास चंदन ने शिवरतनगंज थाने के दारोगा मदन कुमार सिंह की पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर हमला कर दिया। थानाध्यक्ष शिवरतनगंज सच्चिदानंद की जवाबी कार्रवाई में चंदन के दाहिने पैर में गोली लग गई।

    चंदन की निशानदेही पर पुलिस ने देशी पिस्टल व बुलेट मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। रायबरेली के अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपित को एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे देर शाम रायबरेली जेल भेज दिया गया।

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    अहोरवा भवानी में किराए के मकान में रह रहे रायबरेली निवासी शिक्षक सुनील कुमार, पत्नी पूनम भारती व मासूम सृष्टि व लाडो की गुरुवार की शाम सात बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शिक्षक के पिता की तहरीर पर शिवरतनगंज में चंदन के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर पुलिस व एसटीएफ शुक्रवार शाम गौतमबुद्धनगर के जेवर टोल से गिरफ्तार कर उसे अमेठी लाई थी।

    रात 11 बजे के करीब पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने चंदन को मीडिया के सामने पेश किया। हत्यारोपित की निशानदेही पर रात में ही बुलेट बाइक व असलहा बरामद करने की बात कही थी। चंदन को इलाज के बाद रायबरेली एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया।

    आरोपित चंदन को जिला अस्पताल में मौत का डर सता रहा था। उसने कहा कि यहां सही तरीके से इलाज नहीं किया जा सकेगा, जिससे उसकी मौत हो सकती है। उसे किसी निजी व अच्छे अस्पताल में भर्ती कराया जाए, इलाज का जो खर्च आएगा, वह भुगतान करेगा।

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    गम और गुस्से के बीच शवों का अंतिम संस्कार

    उधर, रायबरेली में ऊंचाहार के सुदामापुर गांव के शिक्षक दंपती और बेटियों के शवों का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। एक ही चिता में पति-पत्नी (सुनील और पूनम) का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों बच्चियों के शव दफनाए गए। मृतक शिक्षक का बड़ा भाई सोनू शनिवार सुबह 7.30 बजे मुंबई से घर पहुंचे और फिर शवों का दाह संस्कार किया।

    गांव में चर्चा का विषय बने चंदन और मृतका के रिश्ते

    हत्यारोपित चंदन की गिरफ्तारी के पहले से ही मृतका पूनम और उसके रिश्तों को लेकर तमाम चर्चाएं हैं। दोनों की कुछ तस्वीरें भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं, जिसके बाद जितने मुंह, उतनी बातें। इससे स्पष्ट है कि दोनों के बीच पहले से करीबी रिश्ते रहे हैं और शायद हत्या का कारण भी दोनों की नजदीकियां भी बनीं।

    कुछ लोग चंदन की महिला के साथ नजदीकियां होने की बात कह रहे थे तो कोई यह कहते हुए सुनाई दिया कि महिला के नाम एक जमीन थी, जिसकी लालच में आरोपित उस पर जबरन विवाह का दबाव बना रहा था। इन्ही सब चर्चाओं के बीच यह बात भी सामने आई कि पूनम व चंदन के नजदीकियों के बारे में सुनील को पता चल गया था।

    इस पर जब दंपती में विवाद बढ़ा तो सुनील ने पूनम को छोड़ने तक की बात कह दी थी, जिसके बाद सुनील के गांव सुदामापुर में संभ्रांत लोगों के बीच पंचायत भी हुई, जिसमें चंदन ने पूनम को छोड़ देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन इसके बाद भी जब उसने महिला का पीछा नहीं छोड़ा तो मामले की पुलिस से भी शिकायत की गई, लेकिन चंदन नहीं सुधरा।

    चंदन ने बाद में गांव आकर सुनील के परिवारजन को धमकाया भी था। लोग यह भी कहते सुनाई दिए कि रायबरेली में रहने के दौरान ही चंदन और पूनम के बीच नजदीकियां बढ़ी। बाद में सुनील अमेठी में कमरा लेकर रहने लगा।