Ambedkar Nagar News: इस दिन से टांडा-कलवारी पुल पर ठप रहेगा आवागमन, होगा मरम्मत का काम
अम्बेडकरनगर के टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत सितंबर से शुरू होगी। NHAI द्वारा कराए जाने वाले इस कार्य के चलते 11 सितंबर से पुल पर आवागमन बंद रहेगा। लोगों को बस्ती जाने के लिए 70 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। पुल 2013 में बना था और पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। मरम्मत के दौरान रूट डायवर्जन किया गया है।

संवाद सूत्र, विद्युतनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग 233 के क्षतिग्रस्त टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है। एनएचएआइ सितंबर माह में कार्य कराएगी। पहले मई में मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था। इसके लिए दो महीने तक रूट डायवर्जन की अनुमति मांगी गई थी। कांवड़ यात्रा के चलते प्रशासन ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया था।
अब 11 सितंबर से पुल पर आवागमन प्रतिबंधित कर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। ऐसे में लोगों को लगभग 70 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर टांडा से बस्ती तक आवागमन करना होगा।
टांडा से पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर समेत अन्य जिलों की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम करने वाले घाघरा नदी पर बने टांडा-कलवारी पुल वर्ष 2013 में 1.19 अरब रुपये की लागत से तैयार किया गया था। 72 खंभों वाले 2,231 मीटर लंबे पुल का लोकार्पण हुआ था। राज्य सेतु निगम द्वारा निर्मित पूर्वांचल के सबसे लंबे इस पुल को आठ वर्ष में बनाया था।
वर्ष 2013 में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने उद्घाटन किया था। हाईवे के लिहाज से यह पुल शुरू से ही संकरा महसूस किया जा रहा है। हालांकि इस पुल के बनने से क्षेत्र में विकास और कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिला। लोकार्पण के बाद 10 वर्षों में यह पुल कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है।
वर्ष 2017 में पुल की बेयरिंग टूटने से लगभग 40 दिनों तक आवागमन बंद रहा था। इस बार वाहनों का दबाव बढ़ने से यह पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल के बेयरिंग से लेकर खंभों तक क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट एनएचएआई ने छह महीने पहले ही दी थी। पुल पर पैच जगह-जगह उखड़ चुका है। सतह पर लगाए गए वायर भी कमजोर हैं।
तीन महीने पहले एनएचएआइ ने मरम्मत कार्य शुरू कराया था। रूट डाइवर्जन के लिए बस्ती जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। अनुमति न मिलने से मरम्मत कार्य सप्ताह भर में ही ठप करना पड़ा था। इधर भीड़ का अनुमान कम होने पर प्रशासन ने 11 सितंबर से रूट डायवर्जन की अनुमति दी है। निर्माण कंपनी को टेंडर भी आवंटित हो चुका है।
दो महीने तक इस पुल पर आवागमन बंद करके मरम्मत कार्य कराया जाएगा। इस बीच पुल पर कोई भी वाहन फर्राटा नहीं भर सकेंगे। ऐसे में बस्ती की तरफ जाने वाले लोगों को लगभग 70 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ेगी।
मरम्मत कार्य के दौरान टांडा से होकर बस्ती जाने वाले यात्रियों को आलापुर के बिड़हर घाट पुल के माध्यम से घनघटा होते हुए जाना पड़ेगा, जबकि बस्ती से आजमगढ़, वाराणसी जाने वाले वाहनों को धनघटा बाजार से बिड़हर घाट होकर आजमगढ़ निकलना होगा, इससे लगभग 70 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
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