Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सपा ने बदला उम्मीदवार, अकबरपुर से अब मालती लड़ेंगी चुनाव

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 06 Nov 2017 09:39 PM (IST)

    अंबेडकरनगर : नामांकन के लिए निर्धारित समय सीमा के समाप्त होने के ठीक पहले समाजवादी पाटी

    सपा ने बदला उम्मीदवार, अकबरपुर से अब मालती लड़ेंगी चुनाव

    अंबेडकरनगर : नामांकन के लिए निर्धारित समय सीमा के समाप्त होने के ठीक पहले समाजवादी पार्टी ने पलटी मार दी है। उन्होंने नामांकन के बाद प्रत्याशी घोषित की गई ज्ञानवती मद्धेशिया के स्थान पर सोमवार शाम व्यापारी नेता शिवकुमार वर्मा की पत्नी मालती वर्मा को अकबरपुर नगरपालिका के अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बता दें कि प्रत्याशी घोषित किए बिना ही पूर्व चेयरमैन ज्ञानवती मद्धेशिया ने अपने पति सपा नेता दयाशंकर मद्धेशिया के साथ पहुंच कर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। पहली सूची जारी करने के दूसरे दिन सपा जिलाध्यक्ष व एमएलसी हीरालाल यादव ने ज्ञानवती के उम्मीदवारी की घोषणा की। तत्सय भी इस बात की चर्चा थी कि यदि ज्ञानवती को उम्मीदवार बनाना था तो उनके नामांकन से जिम्मेदार सपा के नेता किनारे क्यूं रहे। खैर, इस बात की भी चर्चा शुरू हो गई है कि अंतिम समय में सपा टिकट का बदलाव कर सकती है। इस बीच भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। अकबरपुर से जब मनोज गुप्ता की पत्नी सरिता गुप्ता को उम्मीदवार भाजपा ने बनाया तो सपा का एक बड़ा धड़ा फिर सक्रिय हो गया। जोड़-तोड़ का दौर दिन भर चलता रहा और शाम तक सपा जिलाध्यक्ष इस बात का खंडन करते रहे कि कोई बदलाव टिकट में नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों का भी दौर चला और सपा जिलाध्यक्ष के हवाले से इसका खंडन भी होता रहा। शाम लगभग साढ़े सात बजे स्वयं सपा जिलाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि अकबरपुर से पार्टी ने उम्मीदवार बदल दिया है। अब मालती वर्मा पत्नी शिवकुमार वर्मा उम्मीदवार हैं। टिकट में यह फेरबदल क्यूं किया गया इस सवाल के जवाब में जिलाध्यक्ष का कहना था कि राजनीति में सब कुछ चलता है। जीत हासिल करने के लिए कभी भी कोई भी निर्णय लिया जा सकता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ------------------ज्ञानवती की उम्मीदवारी वापस होने से रोष

    सपा की घोषित उम्मीदवार ज्ञानवती मद्धेशिया का टिकट कटने से व्यापारियों के बड़े समूह में जबरदस्त रोष है। व्यापारी दबी जुबान यह बात भी कह रहे हैं कि साजिश के तहत दबाव में आकर यह निर्णय लिया गया है। इसका खामियाजा भी सपा को भुगतना पड़ेगा।