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    Flood In UP: अंबेडकरनगर में उफनाई घाघरा नदी में समा गई धान की फसलें, पानी घटने से बढ़ी कटान, लोगों में दहशत

    Flood In UP पहाड़ों के साथ आसपास के प्रदेशों में हो रही बारिश का असर यूपी की नद‍ियों में द‍िखाई दे रहा है। अंबेडकरनगर में घाघरा नदी का जलस्‍तर बढ़ने से कई गांवों की सैकड़ों बीघा धान की फसल डूबने से बर्बाद हो गई। गांवों में घुसा नदी का पानी भी धीरे धीरे कम हो रहा है पर बर्बाद हुई फसलों ने क‍िसानों की च‍िंता बढ़ा दी है।

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj MishraUpdated: Wed, 30 Aug 2023 12:09 PM (IST)
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    Flood In UP: घाघरा नदी में डूबी धान की फसल

    टांडा/राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर), संसू। घाघरा नदी की बाढ़ से आलापुर के मांझा कम्हरिया के सिद्धनाथ, इटौरा ढोलीपुर, सरायहंकार, जैती, बंगालपुर, चांड़ीपुर एवं गोपापुर गांवों के दर्जनों किसानों की फसलें नष्ट हो गई है। बची फसलें कटान से नदी में समा रही है। किसान चिंतित हैं। जलस्तर घटने के साथ कटान बढ़ गई है। 24 घंटे में जलस्तर में 35 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है।

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    नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। नदी अब तटवर्ती क्षेत्रों में कटान कर रही है। मांझा उल्टहवा गांव के प्रधान शिव प्रसाद यादव ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित दिलशेर का पूरा, जालिम का पूरा, बाबूराम का पूरा, सत्ताहवा, कुशमौलिया और केवटला गांव का बाढ़ से प्रभावित पलटू पीपर, पिपरिया मजरों से पानी हट रहा है।

    प्रतिदिन 100 मीटर गांव की तरफ कटान कर रही नदी

    घाघरा नदी के किनारे धान की फसलें कटान से उसके आगोश में समा रही है। मांझा कम्हरिया के सिद्धनाथ गांव के किसान राम अवध ने बताया कि नदी के कटान से फसलें अब धीरे-धीरे नदी में समा रही है। कारण कि पानी का वेग इतना तेज है कि प्रतिदिन 100 मीटर के करीब गांव की तरफ कटान बढ़ रही है।

    नदी का पानी उनके छप्परनुमा मकान में घुसने से धराशाई हो गया है। मनावती देवी ने बताया कि वह पांच बीघा धान की फसल लगवाई थी, जो पूरी तरह से बाढ़ के पानी ने निगल लिया है। रामसुरेश एवं कोदई की दो बीघा धान की फसल एवं छप्पर नष्ट हो गया है।

    मानिकचंद, सोहन, रामसागर, शिवमंगल तथा हरिकेश की एक-एक बीघा धान की फसल घाघरा की बाढ़ में समा गई है। किसानों ने बताया कि नदी का जलस्तर कब बढ़ जाए, कोई भरोसा नहीं रहता है। रात जागकर गुजारनी पड़ रही है। आराजी देवारा के करिया लोनी का पुरवा, निषाद बस्ती, पटपरवा आदि गांवों के किसान भी नदी के कटान से प्रभावित हैं।

    बाढ़ प्रभावित गांव की निगरानी निरंतर की जा रही है। बाढ़ से नष्ट हुई किसानों की फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाएगा।

    सौरभ शुक्ल, एसडीएम, आलापुर