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यूपी की इस सीट पर BJP-सपा के बीच टक्कर, पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने को जूझती रही BSP; मचा सियासी घमासान

लोकसभा चुनाव में संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा जिले की आलापुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सियासी घमासान में भाजपा व सपा के बीच आमने-सामने का मुख्य मुकाबला दिखा लेकिन कैडर वोटों के साथ बसपा भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए जूझती रही। तीनों दलों के महारथियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वोटिंग के साथ इनका भाग्य ईवीएम में कैद हो गया।

By omkar verma Edited By: Aysha Sheikh Sun, 26 May 2024 08:31 AM (IST)
यूपी की इस सीट पर BJP-सपा के बीच टक्कर, पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने को जूझती रही BSP

दिलीप सिंह, जहांगीरगंज। लोकसभा चुनाव में संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा जिले की आलापुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सियासी घमासान में भाजपा व सपा के बीच आमने-सामने का मुख्य मुकाबला दिखा, लेकिन कैडर वोटों के साथ बसपा भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए जूझती रही। तीनों दलों के महारथियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वोटिंग के साथ इनका भाग्य ईवीएम में कैद हो गया।

परिसीमन के बाद वर्ष 2009 में पहली बार संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र की खजनी, खलीलाबाद, मेंहदावल, धनघटा के बाद पांचवीं विधानसभा अंबेडकरनगर की आलापुर विधानसभा जुड़ी। तभी से उसी संसदीय सीट का हिस्सा है। शनिवार को हुए मतदान में यहां के अधिकांश बूथों पर सुबह तो लोगों में वोट डालने का जुनून देखने को मिला, जिसमें युवाओं की भागीदारी स्पष्ट दिखी।

वहीं बुजुर्ग, महिलाएं भी बूथों पर पर कतारबद्ध दिखाई दी। ज्यादातर स्थानों पर दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला दिखा तो वही कहीं भाजपा तो कहीं सपा भारी रही, लेकिन इनके बीच बसपा के मतदाता में भी खामोशी के साथ मानसिक उत्साह देखने को मिला। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रवीण निषाद यहां से सांसद तो बन गए, लेकिन आलापुर उनकी जीत में बड़ी बाधा बन थी।

तत्समय यहां पड़े करीब 62 प्रतिशत मतों में यहां से वह सपा-बसपा गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर बसपा के ही पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी यहां करीब 22 हजार मतों से आगे थे। यहां प्रवीण निषाद दूसरे नंबर पर रहे। बाकी के चार अन्य विधानसभा क्षेत्र में मिली बढ़त ने मजबूती दी और प्रवीण निषाद सांसद बन गए। इस बार राजग गठबंधन से भाजपा के चुनाव चिन्ह से प्रवीण निषाद ही खुद की सीट बरकरार रखने की जद्दोजहद में लगे रहे।

मतदान में मुकाबला दिखाई दिया रोचक

वहीं इंडी गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी सपा के पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद मैदान में हैं। आलापुर में इस बार भी कांटे की टक्कर में शनिवार को हुए मतदान में मुकाबला रोचक दिखाई दिया। यहां जाहिर तौर पर भाजपा के वर्तमान सांसद प्रवीण निषाद व सपा के पप्पू निषाद के बीच आमने-सामने का मुख्य मुकाबला होता दिखा, जबकि बसपा के पक्ष में उसके परंपरागत मतदाता लामबंद होकर साइलेंट मतदान के जरिए मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे रहे। वर्ष 2019 के चुनाव में पांचों विधानसभा सीटों पर कुल 4,67,543 मत मिला और वह 35,749 मतों के अंतर से चुनाव जीत गए, जबकि कुशल तिवारी दूसरे नंबर पर रहे उन्हें 4,31,794 मत मिले।