यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंचायत चुनाव के जरिए विधानसभा इलेक्शन 2027 को टारगेट कर रही BSP, गढ़ वापस पाने के लिए तैयार करेगी जमीन
बसपा अंबेडकरनगर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पंचायत चुनाव के माध्यम से तैयारी कर रही है जिसका लक्ष्य ...और पढ़ें

HighLights
- बसपा की नजर 2027 के चुनाव पर |
- पंचायत चुनाव से वापसी की तैयारी |
- लखनऊ में होगा महासम्मेलन |
अभिषेक मालवीय, अंबेडकरनगर। अपने गढ़ को वापस पाने के लिए बसपा तैयारी में जुट गई है। आगामी पंचायत चुनाव के जरिए जमीन तैयार कर लक्ष्य 2027 को साधेगी। पार्टी के नेता अब जनता के बीच पहुंचकर समर्थन जुटा रहे हैं। आगामी नौ अक्टूबर को स्वर्गीय कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित होने वाले महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए विधानसभावार बैठकें की जा रही है।
इन्हीं बैठकों में पंचायत चुनाव की तैयारियां भी की जा रही हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल स्वयं सभी बैठकों में शामिल हो रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ रहे और वे पूरी मजबूती के साथ डटे रहे।
अंबेडकरनगर बसपा का गढ़ माना जाता था, लेकिन बीते कुछ चुनावों से वह यहां लगातार पिछड़ रही है। वर्तमान में यह गढ़ सपा के दुर्ग में बदल चुका है। यहां की पांच विधानसभा सीटों में से चार पर सपा के पास हैं, जबकि एक सीट भाजपा के पास है। वह भी गत वर्ष विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा को मिली है।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के पास पांच में तीन सीटें थी। कटेहरी से लालजी वर्मा, अकबरपुर रामअचल राजभर और जलालपुर से रितेश पांडेय बसपा से विधायक चुने गए थे। दो सीटें टांडा से संजू देवी और आलापुर से अनीता कमल भाजपा से विधायक चुनी गई थीं।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बसपा से रितेश पांडेय ने जीत दर्ज की थी, लेकिन वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा को अपनी सभी सीटें गंवानी पड़ गई थी। कारण विधानसभा चुनाव से पहले ही बसपा के कद्दावर नेता रहे लालजी वर्मा, रामअचल राजभर, त्रिभुवन दत्त, धर्मराज निषाद सभी पार्टी का दामन दूसरे दलों में चले गए।
गत लोकसभा चुनाव में भी बसपा को अपनी सीट गंवानी पड़ गई थी। अब बसपा अपने गढ़ को वापस पाने की मुहिम में जुट गई है। इसके लिए पार्टी के नेता लगातार जनता बीच पहुंच जनसंपर्क कर रहे हैं। विगत दिनों पार्टी द्वारा सभी विधानसभाओं में सम्मेलन भी किया था। साथ बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर वापसी की जमीन तैयार कर रही है।
आगामी पंचायत चुनाव से बसपा वापसी की तैयारी में जुटी है। पंचायत के बाद ही अगले वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव भी होंगे, इसके लिए पार्टी अभी से ही तैयारी में जुटी है। लखनऊ में आगामी नौ अक्टूबर को होने वाले महासम्मेलन के जरिए बसपा अपनी ताकत का एहसास कराएगी।
पंचायत चुनाव में पार्टी पूरे दमखम के साथ प्रत्याशी उतारेगी। विधानसभावार सम्मेलन, कार्यकर्ता बैठक सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा सर्वाधिक सीटों पर जीत सत्ता में वापसी करेगी। -सुनील सावंत, जिलाध्यक्ष बसपा
