प्रयागराज, जेएनएन।
प्रयागराज की माटी में कई महान विभूतियां पैदा हुई हैं। इन हस्तियों ने देश की आजादी में बढ़चढ़ कर भाग लिया था और साथ देश विदेश में कई बड़े पदों का सुशोभित किया था। इन्हीं में से एक थीं विजय लक्ष्मी पंडित। वे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बहन थीं। उनका जन्म आनंद भवन में हुआ था। नेहरू के निधन के बाद उन्होंने फूलपुर से लोकसभा का उप चुनाव लड़ा था और विजय हासिल की थी। बाद में दोबारा वे फूलपुर से लड़ी और चुनाव जीता।


कैबिनेट पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं विजय लक्ष्मी
इतिहासकार प्रो.जेएन पाल बताते हैं कि विजय लक्ष्मी की पहचान सिर्फ जवाहर लाल नेहरू की बहन के रूप में नहीं थी। अंग्रेजी हुकूमत में वे कैबिनेट मंत्री बनने वाली पहली महिला थीं। 1937 में संयुक्त प्रांत के विधानमंडल में वे निर्वाचित हुई थीं। उन्हें तब कैबिनेट में जगह मिली थी। कैबिनेट में विजय लक्ष्मी को स्थानीय स्वप्रशासन एवं जन स्वास्थ्य विभाग में मंत्री बनाया गया था। वे 1939 तक फिर 1946 से 1947 तक इस पद रहीं थीं।

महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए किया था संघर्ष
प्रो.पाल बताते हैं कि विजय लक्ष्मी पंडित ने महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए भी संघर्ष किया था। 1956 में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम बनाने में उन्होंने काफी प्रयास किया था। इसी के बाद महिलाओं को अपने पति और पिता की संपत्ति में उत्तराधिकार प्राप्त हो सका था। 1952 में चीन जाने वाले सद्भावना मिशन का नेतृत्व भी उन्होंने किया था। प्रो.पाल बताते हैं कि विजय लक्ष्मी अपने भाई जवाहर लाल नेहरू से 11 साल छोटी थीं। 1964 में नेहरू के निधन के बाद उन्होंने फूलपुर से लोकसभा का चुनाव जीता था। 1967 में फूलपुर से फिर निर्वाचित हुई थीं।


आजादी के आंदोलन में लिया था हिस्सा
इतिहासकार जयप्रकाश यादव बताते हैं कि विजय लक्ष्मी पंडित ने आजादी आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लिया था। आंदोलन में भाग लेने के कारण वे कई जेल भी गई थीं। विदेशों खासकर अमेरिका में उन्होंने वर्ष 1945 में अपने संबोधनों में भारत की आजादी को लेकर लोगों का जागरुक किया। आजादी के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया था। वह संघ में भारत की पहली महिला अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। वह कई देशों में उच्चायुक्त भी रहीं। 1940 से 1942 तक अखिल भारतीय महिला कांफ्रेस के अध्यक्ष के पद पर रहीं। 1949 से 1951 तक अमेरिका में भारत की राजदूत रहीं।

Edited By: Rajneesh Mishra