इफको फूलपुर यूनिट के मैनेजर सहित दो पर मुकदमा, Prayagraj के सीजेएम कोर्ट में कारखाना अधिनियम के तहत लिखाया गया केस
डिप्टी डायरेक्टर (कारखाना) अभय कुमार गुप्ता ने सीजेएम कोर्ट में इफको के मैनेजर व डायरेक्टर (ऑक्युपायर) के खिलाफ कारखाना अधिनियम 92 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इफको में यह पहली घटना नहीं थी। पहला हादसा 22 दिसंबर को अमोनिया गैस रिसाव से हुआ था।

प्रयागराज, जेएनएन।इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-आपरेटिव लिमिटेड (इफको) की फूलपुर यूनिट के मैनेजर और डायरेक्टर (आक्यूपायर) के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट में केस दर्ज कराया गया है। यह केस कारखाने में 23 मार्च को पावर प्लांट का ब्वायलर फटने के मामले में दर्ज कराया गया है। हादसे में तीन संविदा श्रमिक की मौत हुई थी जबकि 15 घायल हुए थे।
विगत चार माह में दो बड़े हादसे, शीर्ष प्रबंधन ने की कार्रवाई
डिप्टी डायरेक्टर (कारखाना) अभय कुमार गुप्ता ने सीजेएम कोर्ट में कारखाना अधिनियम 92 के तहत यह मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में ब्वायलर का ठीक ढंग से मेंटिनेंस नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। इसे ही हादसे की वजह माना जा रहा है। इफको में इससे पहले 22 दिसंबर 2020 को अमोनिया गैस रिसाव हुआ था। इसमें दो अफसरों की मौत हुई थी जबकि आधा दर्जन कर्मी घायल हुए थे। उक्त हादसे में भी सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। विगत दिनों दो बड़े हादसों को गंभीरता से लेकर शीर्ष प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। बीते मंगलवार को इकाई प्रमुख एमएम मसूद समेत 11 अफसरों को निलंबित कर दिया गया। कारखाना विभाग की कमेटी की जांच में पाया गया है कि ब्वायलर का ठीक ढंग से मेंटिनेंस नहीं हुआ। कहा गया है कि सतर्कता बरती गई होती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
मेंटीनेंस होने से बच सकता था हादसा
कमेटी की जांच में ब्वायलर का ठीक ढंग से मेंटीनेंस नहीं होने की पुष्टि हुई है। यदि पहले ही सतर्कता बरती गई होती तो इतना बड़ा हादसा होने से बच जाता। लापरवाही की वजह से तीन संविदा श्रमिकों को जान गंवानी पड़ी और 15 लोग घायल हुए हैं।
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