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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आखिर गली का भगवाकरण क्‍यों बना सियासी रार का सबब Prayagraj News

By Brijesh SrivastavaEdited By:
Published: Wed, 15 Jul 2020 04:47 PM (IST)

बहादुरगंज के पास स्थित एक गली में रहने वाले डॉ. जीवन चंद्र और उनके पड़ोसी रवि गुप्ता ने कोतवाली थाने ...और पढ़ें

आखिर गली का भगवाकरण क्‍यों बना सियासी रार का सबब Prayagraj News
आखिर गली का भगवाकरण क्‍यों बना सियासी रार का सबब Prayagraj News

प्रयागराज,जेएनएन। शहर के बहादुरगंज में एक गली के मकानों को रंग विशेष से पोते जाने का मामला सियासी रार की वजह बन चला है। इस गली में प्रदेश के काबीना मंत्री नंद गोपाल नंदी का भी निज निवास है। उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी शहर की महापौर हैैं। गली के मकान भगवा रंग से रंगे जा रहे हैैं। यहां रहने वाले दो लोगों ने मकान जबरिया रंगे जाने की शिकायत पुलिस में की है। मामला दर्ज कर लिया गया है। मंत्री नंदी का कहना है कि सुंदरीकरण के लिए लोगों की सहमति के आधार पर रंग रोगन कराया जा रहा है। जबकि विरोधी आरोप लगा रहे हैैं कि इसमें जबर्दस्ती की जा रही है।

सपा नेता खुलकर आए सामने

उधर, सपा के नेता इस मामले को लेकर खुलकर सामने आ गए हैैं। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव का कहना है कि समाजवादी लोग ही दिल को सतरंगी बनाते हैैं। यहां तो जबरन मकान ही विशेष रंग से रंगवा दिया गया। यह आपराधिक कार्य है, जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

जबरन मकान रंग विशेष से रंगवाने पर मुकदमा

बहादुरगंज मुख्य चौराहे के पास स्थित एक गली में रहने वाले डॉ. जीवन चंद्र और उनके पड़ोसी रवि गुप्ता ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मकान को जबरन रंग विशेष से रंगा गया। विरोध करने पर धमकाया गया और पत्थरबाजी की गई थी। मामले में पुलिस ने कमल कुमार केसरवानी समेत 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के बारे में पता किया तो कइयों की जानकारी मिल गई। इसके बाद पुलिस ने सभी को पकडऩे की कोशिश शुरू की। मंगलवार को मुख्य आरोपित समेत अन्य की तलाश में उनके घरों पर दबिश दी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

पुलिस आरोपितों की तलाश में

इंस्पेक्टर कोतवाली जयचंद्र शर्मा का कहना है कि अज्ञात में जो लोग शामिल थे, इसमें कई की पहचान कर ली गई है। सभी की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। हालांकि, सभी घर से भागे हुए हैं। आशंका है कि उन लोगों ने जिला छोड़ दिया है। उन सभी के स्वजन कुछ नहीं बता पा रहे हैं।