प्रयागराज, जागरण संवाददाता। धूमनगंज थाना क्षेत्र के मुंडेरा मोहल्ले में मारे गए सुशील उर्फ टोनू के माेबाइल में प्रेमिका ननकी का नंबर ए नाम से सेव था, जबकि ननकी के मोबाइल में सुशील का नंबर सेव नहीं था। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है। मोबाइल की काल डिटेल सीडीआर से यह भी साफ हो गया है कि प्रेमिका के बुलाने पर ही सुशील उसके घर गया था। मगर यह राज अभी दफन है कि उसने साजिश के तहत फोन करके बुलाया था अथवा अपनी मर्जी से। ननकी की गिरफ्तारी होने के बाद ही इस बारे में पता चल सकेगा।

घटना के बाद से भाई समेत नदारद है प्रेमिका

फिलहाल घटना के तीसरे दिन भी प्रेमिका और उसका भाई ननका गिरफ्त से दूर रहे। इंस्पेक्टर धूमनगंज तारकेश्वर राय ने टीम के साथ अभियुक्तों की तलाश में अल्लापुर निवासी उसके रिश्तेदार और शिवकुटी में दोस्त के घर समेत कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। पूरामुफ्ती निवासी सुशील मुंडेरा में किराए का कमरा लेकर रहता था। सोमवार रात प्रेमिका के बुलाने पर वह उसके घर मिलने गया था। तभी प्रेमिका के माता-पिता और भाई ने मिलकर उसे इतना पीटा की मौत हो गई। हत्या के मामले में ननकी के पिता, मां व एक भाई को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। जबकि ननका व उसकी बहन अभी फरार चल रहे हैं। सीओ सिविल लाइंस सुधीर कुमार का कहना है कि गिरफ्तारी होने पर उनकी भूमिका साफ हो सकेगी।

महिला से मनमानी का लिखा गया केस

विवाहिता के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। स्वजनों ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस ऐसी किसी भी घटना साफ इनकार कर रही। क्षेत्र की एक युवती की गैर बिरादरी के लड़के के साथ प्रेम प्रपंच चल रहा था। जानकारी होने पर युवती के घर वाले उसकी अन्यत्र शादी कर दिए थे। युवती अपने ससुराल से जब वापस लौटी तो उसके प्रेमी ने जीवन भर साथ निभाने का वादा कर उसे भगा ले गया था। विवाहिता अपने गहने और नगदी भी लेकर उसके साथ गई थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर विवाहिता को बरामद कर लिया था। वह अपने परिजनों के साथ घर जाने को तैयार नहीं थी। पुलिस ने उसे नारी निकेतन भेज दिया था। करीब दो सप्ताह तक नारी निकेतन में रहने के बाद युवती अपने मायके वालों के साथ चली गई। युवती के परिजनों ने प्रेमी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इंस्पेक्टर कुशल पाल सिंह का कहना है कि ऐसी कोई भी तहररी उन्हें नहीं मिली है। तहरीर थाने आती तो उन्हें जरूर मिलती।

Edited By: Ankur Tripathi