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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टीईटी से एक दिन पहले इलाहाबाद में साल्वर गैंग सक्रिय, दो गिरफ्तार

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 14 Oct 2017 12:54 PM (IST)Updated: Sat, 14 Oct 2017 01:02 PM (IST)

एसटीएफ लखनऊ टीम ने यहां के बहरिया डिहवा निवासी संदीप पटेल व मऊआइमा किराव निवासी शिवजी पटेल को जार्जटाउन थाना क्षेत्र में हासिमपुर चौराहे से पकड़ा।

टीईटी से एक दिन पहले इलाहाबाद में साल्वर गैंग सक्रिय, दो गिरफ्तार
टीईटी से एक दिन पहले इलाहाबाद में साल्वर गैंग सक्रिय, दो गिरफ्तार

इलाहाबाद (जेएनएन)। सुप्रीम कोर्ट के शिक्षा मित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद करने के फैसले के बाद काफी अहम मानी जा रही टीईटी परीक्षा में भी साल्वर गैंग सक्रिय होने में लगा है। प्रदेश में कल होने जा रही अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से पहले पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने इलाहाबाद में साल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए दो ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है।

एसटीएफ लखनऊ टीम ने यहां के बहरिया डिहवा निवासी संदीप पटेल व मऊआइमा किराव निवासी शिवजी पटेल को जार्जटाउन थाना क्षेत्र में हासिमपुर चौराहे से पकड़ा। आरोपियों से तीन मोबाइल, 31 इलेक्ट्रानिक डिवाइस, 25 डिवाइस स्टीकर, 28 ब्लूटूथ डिवाइस, सात सिम कार्ड और करीब 10 हजार रुपये बरामद हुए हैं। 

एसटीएफ के एडिशनल एसपी (लखनऊ) त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गिरोह के सरगना इलाहाबाद के ही सुरेंद्र पाल व केएल पटेल हैं। वह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्चा साल्व कराने की आड़ में वसूली करते हैं। उन्होंने बताया कि केएल पटेल मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटाले में भी जेल जा चुका है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि डिवाइस की सप्लाई करने वाला गैंग दिल्ली का है, जिसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह में शामिल अन्य युवकों की तलाश में छापेमारी भी जारी है।

अभ्यर्थियों की रख लेते हैं मार्कशीट 

एडिशनल एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण कराने का प्रलोभन देते हैं और उनसे पैसा लेने के बजाय उनकी ओरिजनल मार्कशीट अपने पास रख लेते हैं।  परीक्षा पास करने के बाद प्रतियोगियों से पैसा वसूला जाता है। तरीका पूछे जाने पर एडिशनल एसपी का कहना था कि परीक्षार्थी और साल्वर परीक्षा के दौरान स्पाई डिवाइस के साथ-साथ कान में इयर प्लग यानी वायरलेस इयरफोन का इस्तेमाल करते हैं, यह आवाज नहीं करता।