जासं, इलाहाबाद : देश कभी गुरु गोविंद सिंह व उनके परिवार के त्याग और बलिदान को भुला नहीं सकता। देश के लिए किया गया उनका त्याग समाज में हमेशा स्मरणीय रहेगा। युवाओं को गुरु गोविंद सिंह के चरित्र से सीख लेनी चाहिए और देशभक्ति को आत्मसात करना चाहिए। 20 से 27 दिसंबर के बीच में गुरु गोविंद सिंह के पूरे परिवार ने राष्ट्र हित में प्राण त्याग दिए थे। यह देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा। यह उद्गार न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने शनिवार को व्यक्त किए। वे शिव गंगा विद्या मन्दिर, फाफामऊ में शनिवार को गुरुगोविंद सिंह के त्याग और बलिदान पर आयोजित विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विद्यालय में दसवें सिख गुरु गुरु गोविंद सिंह का 351 वां प्रकाश पर्व धूम-धाम से मनाया गया।

न्यायमूर्ति गिरिधिर मालवीय ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने देश को सर्वोपरि रखा। यह देश के प्रति सच्ची श्रद्धा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ अमृतसर से आए गुरुवाणी प्रस्तोता कुलजीत सिंह व अमरजीत सिंह द्वारा प्रस्तुत गुरुवाणी से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने की व संचालन स्वदेशी जागरण मंच के सह प्रचारक डॉ. निरंजन सिंह ने किया। कार्यक्रम को प्रो. एसएस ओझा, आशुतोष ओझा, श्री गुरु सिह सभा के अध्यक्ष सरदार जोगिंदर, जालंधर से आए जसविंदर सिंह दर्दी, खालसा ग‌र्ल्स इंटर कालेज के प्रबंधक सरदार आरएस बेदी ने भी संबोधित किया। भाजपा के जिलाध्यक्ष अमर नाथ तिवारी और भाजपा नेता दिवाकर त्रिपाठी ने इस अवसर पर गुरु गोविंद सिंह जी को भावभीनी श्रद्धाजली अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य जीपी त्रिपाठी ने सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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