प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज जंक्शन के टीटीई लाबी में ड्यूटी लगाने के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर गड़बड़ी करने का मामला सामने आया तो महकमे में खलबली मच गई। अब विभाग के अधिकारी और विजिलेंस की टीम मामले की जांच कर रही है। शिकंजा कसे जाने पर कई अफसर व कर्मियों के होश फाख्ता हैं। बताया जा रहा है कि जांच में कई बड़े अफसर भी दायरे में आ सकते हैं। वहीं, रेलवे की ओर से मामले में डैमेज कंट्रोल के लिए आधुनिकीकरण शुरू कर दिया गया है।

टीटीई लाबी का डिजिटलाइजेशन होगा

दरअसल, रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कर घर बैठे कई टीटीई के वेतन व भत्ता लेने का मामला सामने आया तो जांच शुरू की गई। आरोप है कि रोस्टर के नाम पर चहेतों की मनचाही ट्रेनों में ड्यूटी लगाने का खेल किया जाता है। इस व्यवस्था में सुधार करने के लिए टीटीई लाबी का डिजिटलाइजेशन कराया जा रहा है। इस क्रम में रोस्टर आनलाइन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में छेड़छाड़ न की जा सके। ई-लाबी साफ्टवेयर में कर्मचारियों का डाटा (नाम, पदनाम) अपलोड किया जा रहा है।

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह है तैयारी

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक उपकरण लगाए जाने के बाद डयूटी के नाम पर गड़बड़ी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा टीटीई लाबी की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जा रहा है। कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है। उपकरण लगाने का काम जारी है। फिलहाल करीब 80 फीसद काम भी पूरा कर लिया गया है। सीनियर डीसीएम-2 विपिन कुमार सिंह के मुताबिक, प्रयागराज जंक्शन के अलावा प्रयागराज छिवकी और टूंडला में भी सीसीटीवी लगाया जा रहा है। पखवाड़े भर पहले ब्रीथ एनालिसिस टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

जोन के दोनों मंडलों में की जा रही गोपनीय जांच

प्रयागराज में कार्रवाई के बाद अब जोन के अन्य दोनों मंडलों में भी गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। प्रयागराज मेें रोस्टर पर गलतियां पकड़ में आने के बाद सीआइटी लाइन में कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई। मामला सुर्खियों में आया तो सीआइटी को निलंबित भी किया गया। अब शिकायत के आधार पर कानपुर, टूंडला, झांसी व आगरा में भी रोस्टर में लेनदेन कर खेल करने के मामले में जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि रोस्टर की खामियां उजागर हों, इसके पहले सुधार की भी कवायद शुरू हो गई है।

इलाहाबाद मंडल के पीआरओ बोले

इलाहाबाद मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह कहते हैं कि टीटीई लाबी में सीसीटीवी लगाया जा चुका है। रोस्टर वाली जगह की निगरानी होगी। बायोमीट्रिक हाजिरी भी शुरू कर दी गई है।

 

रेलवे की विभागीय परीक्षा को केंद्रों पर लगेगा जैमर

जासं, प्रयागराज: चार से छह अगस्त तक होने वाली रेलवे की विभागीय परीक्षा की रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) ने तैयारी कर ली है। पहली बार सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए जाएंगे। ताकि परीक्षा के दौरान कोई भी रेलकर्मी किसी इलेक्ट्रानिक डिवाइस का उपयोग न कर सके। प्रयागराज समेत 11 शहरों में होने वाली इस परीक्षा के लिए 58 केंद्रों का आरआरसी कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।

दरअसल, जनरल डिपार्टमेंट कंप्टेटिव एक्जाम (जीडीसीई) के तहत 339 रिक्त पदों पर भर्ती की जानी है। उतर मध्य रेलवे और डीजल लोकोमोटिव वर्कशॉप (अब बीएलडब्ल्यू) में कार्यरत 29005 रेलकॢमयों ने प्रमोशन के लिए आवेदन किया है। इसके लिए इन सभी रेलकॢमयों की आनलाइन परीक्षा चार से छह अगस्त तक होनी है। परीक्षा के लिए रेलकॢमयों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह परीक्षा प्रयागराज, कानपुर, आगरा, मथुरा, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, झांसी, ग्रेटर नोएडा, वाराणसी एवं ग्वालियर शहरों में होगी। तीन पाली में कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के लिए रेल भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) की वेबसाइट से एडमिट कार्ड अपलोड किए जा सकते हैं।

Edited By: Brijesh Srivastava