जल परिवहन से बढ़ेगा कारोबार और पर्यटन, संगम नगरी से हल्दिया के बीच जल मार्ग परियोजना को मंजूरी
संगम नगरी से हल्दिया तक जलमार्ग परियोजना को हरी झंडी मिलने से अब जल परिवहन बढ़ेगा। इससे व्यापार और पर्यटन के भी बढऩे की उम्मीद है। एनजीटी से गंगा पर प्रयागराज और हल्दिया के बीच अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब इस पर काम तेज होगा।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। संगम नगरी के वैभव व गौरव को बढ़ाने में एक और परियोजना शामिल होने जा रही है। वह दिन अब दूर नहीं, जब तीर्थराज से हल्दिया तक जलयान चलेंगे। संगम नगरी से हल्दिया तक जलमार्ग परियोजना को हरी झंडी मिलने से अब जल परिवहन बढ़ेगा। इससे व्यापार और पर्यटन के भी बढऩे की उम्मीद है।
प्रयागराज से हल्दिया तक बनाए गए जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग-एक नाम
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की ओर से गंगा नदी पर प्रयागराज और हल्दिया के बीच अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब इस पर काम भी तेज होगा। पोत परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार के भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से प्रयागराज से हल्दिया तक बनाए गए जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग-एक नाम दिया गया है, जबकि प्रयागराज से नई दिल्ली तक के जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग-दो नाम दिया गया है। दोनों जलमार्गों पर कई वर्षों से काम चल रहा है। खासतौर पर राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-एक से लगभग डेढ़ दशक पहले जल परिवहन की शुरुआत भी हुई थी। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी के प्रयास से तब छोटे पोत से प्रयागराज से सीमेंट को कोलकाता भेजा गया था। तब गंगा में कई स्थानों पर पानी कम होने की शिकायत मिली थी। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर प्रयागराज से वाराणसी तक ड्रेजिंग का काम तेजी से हुआ था। यही नहीं वाराणसी, गाजीपुर, साहिबगंज व हल्दिया में मल्टी माडल हब का निर्माण शुरू कराया गया था। इसके साथ ही रिवर पोर्ट बनाने की कवायद शुरू हुई थी। प्रयागराज के साथ ही मीरजापुर में भी गंगा किनारे रिवर पोर्ट को मान्यता मिल चुकी है।
प्रधानमंत्री व केंद्रीय मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट
प्रयागराज : देश में जल परिवहन को बढ़ावा देने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। दिव्य और भव्य कुंभ के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में इसकी घोषणा भी की थी तो केंद्रीय मंत्री ने आगामी वर्षों में संगम नगरी में सी प्लेन के संचालन का एलान किया था।
इन शहरों से होकर गुजरेगा जलमार्ग
इस जलमार्ग पर प्रयागराज, भदोही, मीरजापुर, चंदौली, वाराणसी, मुगलसराय, गाजीपुर, बलिया, सारण, बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, बाढ, मुंगेर, भागलपुर, फरक्का, कोलकाता तथा हल्दिया पड़ेंगे। जलमार्ग से यातायात शुरू होने पर इन शहरों का भी तेजी से विकास होगा।
प्रयागराज में खोला गया प्राधिकरण का कार्यालय
जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिए पोत परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार के भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने अपना कार्यालय प्रयागराज में भी खोल दिया है। इसके अलावा देश में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए स्थापित एकमात्र राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौकायन संस्थान इस जलमार्ग पर बसे पटना के गायघाट में स्थित है।
खास खास
प्रयागराज में नैनी के लवायन समेत एक दर्जन स्थानों पर बनेगा रिवर पोर्ट
खास बातें
1350 किमी के करीब लंबा है राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या एक
04 शहरों में मल्टी माडल हब के निर्माण में अब आएगी तेजी
ये मिलेगा लाभ
-सड़क पर यातायात का दबाव कम होगा
-पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण हो सकेगा
-सड़क परिवहन से सस्ता होगा जल परिवहन
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