प्रयागराज, जेएनएन। पिता की गोली से जख्मी आयुषी स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। कभी थोड़ी देर के लिए उसकी हालत में सुधार होता है तो कभी स्थिति गंभीर हो जाती है। बताया गया कि शनिवार को उसने जूस पिया लेकिन बाद में हालत बिगड़ गई। गोली लगने के कारण लीवर ठीक नहीं हो पा रहा है। डाक्टरों को इंफेक्शन फैलने का खतरा है। आयुषी की हालत देखकर मां और रिश्तेदार बेहद चिंतित हैं।

रात में पिता ने प्रेमी के साथ देखकर मारी थी गोलियां

अटल बिहारी वाजपेयी नगर (नैनी) निवासी आयुषी को कुछ दिन पहले उस वक्त गोली मारी गई थी, जब वह भाेर में अपने मकान की छत पर प्रेमी अर्णव के साथ थी। दोनों को एक साथ देख आयुषी के पिता ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना में अर्णव की मौत हो गई थी, जबकि आयुषी जख्मी हो गई। पुलिस ने आरोपित पिता सुनील सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि बेटी आयुषी अस्पताल में जीवन और मौत से जूझ रही है।

घटनाक्रम यह था

ढाबा संचालक सुनील सिंह उस रात गर्मी की वजह से अगले कमरे में सोने आया तो बारहवीं कक्षा में पढ़ रही बेटी आयुषी को पानी की बोतल लेकर छत की ओर जाते देखा। पूछने पर बोली कि पेट में दर्द है। बेटी की गतिविधि से पहले संशकित सुनील भी पीछे-पीछे छत पर गए तो वहां ग्यारहवीं कक्षा में फेल अर्णव को देखा। वह भी नैनी में पीएसी कालोनी के पास का रहने वाला था। उन दोनों के बीच रिश्ते की जानकारी  घरवालों को थी। उसे देखते ही सुनील ने नीचे कमरे में जाकर पिस्टल ली और फिर ऊपर आकर अर्णव को दो गोली मार दी। सामने आने पर आयुषी पर भी दो फायर किए। एक गोली हाथ और दूसरी पेट में लगी। अर्णव की मौत हो गई जबकि आयुषी के पेट में धंसी गोली ने लीवर को क्षतिग्रस्त कर दिया। वह अस्पताल में नाजुक हालत में भर्ती है।

Edited By: Ankur Tripathi