Prayagraj News: संगम नगरी की आबोहवा भी होती जा रही खतरनाक, 200 के पार हो गया एयर क्वालिटी इंडेक्स
प्रयागराज का वातावरण भी खराब होता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दो सौ के पार चला गया है। गनीमत की बात यह है कि फिलहाल दिल्ली की तरह धुंध यहां पर नहीं है। आसमान साफ है और पराली जलाने के मामले अभी तक सामने नहीं आए हैं।

प्रयागराज, जेएनएन। Prayagraj Air Quality Index: संगम नगरी की आबोहवा भी खतनाक होती जा रही है। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दो सौ के पार चला गया है। गनीमत की बात यह है कि फिलहाल दिल्ली की तरह धुंध यहां पर नहीं है। आसमान साफ है और पराली जलाने के मामले भी अभी तक सामने नहीं आए हैं।
जनपद में तीन जगहों पर लगे हैं वायु प्रदूषण मापक यंत्र
वायु प्रदूषण (Air Pollution) मापने के लिए प्रयागराज में तीन स्थानों पर यंत्र लगाए गए है। वाराणसी मार्ग पर झूंसी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में लगे वायु प्रदूषण मापने के लिए यंत्र लगाया है। यहां पर शुक्रवार दोपहर एक बजे एक्यूआई 220 था। इस क्षेत्र में गुरुवार की रात दस बजे एक्यूआई 325 था, जो खतरनाक है। रात में वाराणसी रूप से भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा होता है, इसलिए वायु प्रदूषित हुई। जबकि सुबह दस बजे तक स्तर 300 हो गया और उसके बाद से कम हो रहा है। दोपहर को इसमें कुछ बढ़ोतरी हुई।
हाइवे के आसपास ज्यादा है हवा में प्रदूषण
वातावरण में सामान्य वायु के लिए 100 से कम होना चाहिए। एक्यूआइ मापन का दूसरा यंत्र मोती लाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) में लगा है। उस क्षेत्र में दोपहर का एक्यूआइ 158 है, जबकि इस क्षेत्र में रात दो बजे एक्यूआइ 258 था। इसके पास लखनऊ मार्ग गुजरता है और रात में उधर भी भारी वाहनों का गुजरना होता है, इसलिए हवा प्रदूषित हुई।
नगर निगम के पास भी दौ सौ के पार रहा AQI
तीसरा यंत्र नगर निगम परिसर में लगा है, वहां पर एक बजे का एक्यूआई 200 है। रात दो बजे इस क्षेत्र में एक्यूआइ 300 हो गया था। चूंकि यह स्थल जीटी रोड के निकट और रात में उधर से भारी वाहन गुजरते हैं। जानकारों की माने तो संगम नगरी में वायु प्रदूषण का कारण वाहनों से निकलने वाले धुएं या सड़कों से उड़ने वाले धूल कण ज्यादा हैं।
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