Natwarlal Yogesh Tiwari: करोड़ों की ठगी करने वाले पर प्रयागराज पुलिस लगाएगी गैंगस्टर, संपत्ति होगी सीज
Natwarlal Yogesh Tiwari पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि योगेश के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की स्थिति क्या है। उसने जालसाली करके करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई और आभूषण से लेकर ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू किया था।

प्रयागराज, जेएनएन। जमीन के नाम पर तमाम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपित योगेश तिवारी पर अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रयागराज में झूंसी पुलिस गैंगस्टर का मुकदमा कायम करने के बाद उसकी चल व अचल संपत्ति के बारे में पता लगाएगी। इसके बाद उसे सीज करने की कार्रवाई होगी।
जालसाली करके करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि योगेश के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की स्थिति क्या है। उसने जालसाली करके करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई और आभूषण से लेकर ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू किया था। पुलिस को तमाम भुक्तभोगियों ने बताया है कि उनके ही खिलाज शातिर योगेश ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है, लिहाजा उन मुकदमों की समीक्षा की जाएगी।
कोर्ट में पेशी के बाद नैनी जेल भेजा गया योगेश तिवारी
चार दिन पहले पकड़े गए आवास-विकास कॉलोनी झूंसी निवासी योगेश तिवारी को सोमवार शाम कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में नैनी जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ झूंसी, फूलपुर, जार्जटाउन, कैंट, कर्नलगंज, दारागंज, सिविल लाइंस समेत कई थाने में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि करीब 15 साल से लोगों को प्रापर्टी का झांसा देकर ठगी करता आया है। पूछताछ में पता चला है कि धोखाधड़ी के ही पैसे से उसने सोने, चांदी की दुकान खोली और फिर कई शराब दुकान का लाइसेंस लिया था।
योगेश के खिलाफ चेक बाउंस के 45 मुकदमे हैं
इतना ही नहीं, अपने नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू किया और सात ट्रक खरीदे थे। झूंसी थाने में इफको से रिटायर अधिकारी प्रभाष चंद्र गुप्ता के मुकदमे की विवेचना करने वाले क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर बुद्धि चंद्र गौतम का कहना है कि योगेश के खिलाफ चेक बाउंस के 45 मुकदमे हैं। वहीं धोखाधड़ी, कूटरचना, जानलेवा हमला, आम्र्स एक्ट जैसे 24 मुकदमे अलग-अलग थाने में पंजीकृत है। जांच में पता चला है कि योगेश ने प्रभाष चंद्र की आठ करोड़ की प्रापर्टी धोखाधड़ी करके कब्जा किया था, जबकि साढ़े 24 लाख रुपये चेक से वापस किया था। कुछ पैसा खाते में ट्रांसफर करने की बात कही, लेकिन उसका साक्ष्य नहीं दे पाया है।
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