प्रयागराज [जागरण संवाददाता]। संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में हुई मौत मंगलवार को भी पहेली बनी रही। इस मामले में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोपित योग गुरु आनंद गिरि और बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एडीजी प्रेम प्रकाश ने दो गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। आद्या का बेटा संदीप हिरासत में बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार पुलिस ने 18 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआइटी) भी गठित कर दी है। श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में सुबह श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोषी को कानून के दायरे में सजा दिलाई जाएगी। बुधवार को पांच डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसी दिन मठ परिसर में समाधि भी दी जाएगी।

सोमवार शाम श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के गेस्ट हाउस स्थित कमरे में महंत नरेंद्र गिरि (60) मृत पाए गए थे। नायलान की रस्सी से बनाए गए फंदे से महंत का शव पंखे के चुल्ले से लटक रहा था। आइजी केपी सिंह ने प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का बताया था। मौके से सुसाइड नोट भी मिला था। इसे पहले आठ पेज का सुसाइड नोट बताया गया था लेकिन सोमवार को यह तथ्य सामने आया कि यह 12 पेज का है। आइजी ने इसकी पुष्टि की है। मठ के लेटर पैड पर इसे लिखा गया है।

सोमवार शाम मठ में लोगों का प्रवेश बंद कराने के साथ ही फोरेंसिंक जांच के बाद पार्थिव शरीर डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया। आधी रात महंत के शिष्य अमर गिरि ने जार्जटाउन थाने में योग गुरु आनंद गिरि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पहले उन्हें हरिद्वार में हिरासत में लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया था। मंगलवार दोपहर एक बजे उन्हें प्रयागराज लाया गया।

सुबह करीब 11 बजे श्रद्धांजलि व्यक्त करने मठ में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि के दुखद निधन से हम सभी दुखी हैं। सीएम योगी ने कहा कि मैं यहां संत समाज व प्रदेश सरकार की तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि देने आया हूं। महंत नरेंद्र गिरि का निधन आध्यात्मिक व धार्मिक समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। अखाड़ा परिषद व संत समाज की उन्होंने जो सेवा की, वह अविस्मरणीय है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मान-अपमान की चिंता बगैर प्रयागराज कुंभ की भव्यता के लिए उन्होंने अपना पूरा समर्पण दिया था। उनकी इच्छा थी कि प्रधानमंत्री कुंभ में प्रयागराज पधारें, वो आए भी। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। कुंभ में आए श्रद्धालुओं की व्यवस्था और 13 अखाड़ों के बीच समन्वय तथा आए संतों की व्यवस्था के प्रति लगे रहते थे।

अनावश्यक बयानबाजी से बचने की सलाह देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एडीजी जोन, आइजी रेंज व डीआइजी प्रयागराज टीम के रूप में इस घटना की जांच में जुटे हैं। दोषी अवश्य सजा पाएगा। सीबीआइ जांच की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कुछ भी नहीं कहा। उन्होंने श्रीनिरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी व महंत बलवीर गिरि से अकेले में वार्ता की। भरोसा दिलाया कि वह जैसा कहेंगे सरकार उसके अनुरूप जांच करवाएगी। बता दें कि बलवीर गिरि का नाम उत्तराधिकारी के रूप में भी सामने उभरा है।

संत चाहेंगे तो सीबीआइ जांच : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सुबह श्रद्धांजलि व्यक्त करने के बाद कहा कि महंत नरेंद्र गिरि का आशीर्वाद उन्हें हमेशा प्राप्त रहा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति भी है। यदि संत चाहेंगे तो सरकार सीबीआइ जांच से पीछे नहीं रहेगी।

हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराएं जांच : पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश सिंह यादव भी दोपहर करीब एक बजे मठ में पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महंत का स्नेह उन्हें हमेशा मिला। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रकरण की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराए जाने की मांग की।

सुसाइड नोट का महत्वपूर्ण अंश : 'वैसे तो मैं 13 सितंबर को ही आत्महत्या करने जा रहा था लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया। आज जब हरिद्वार से सूचना मिली कि एक-दो दिन में आनंद गिरि कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल से किसी लड़की या महिला के साथ गलत काम करते हुए मेरी फोटो लगाकर वायरल कर देगा, मैंने सोचा कि कहां-कहां सफाई दूंगा, एक बार तो बदनाम हो जाऊंगा। मैं जिस पद पर हूं वह गरिमामयी पद है, सच्चाई का तो लोगों को बाद में पता चलेगा लेकिन मैं तो बदनाम हो जाऊंगा इसलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं, जिसकी जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उसके लड़के संदीप तिवारी की होगी।' विस्तृत खबर बढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....

मौत की सीबीआइ जांच के लिए हाई कोर्ट में पत्र याचिका : इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार उर्फ सुनील चौधरी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत की सीबीआइ जांच के लिए हाई कोर्ट में पत्र याचिका दायर की है। मुख्य न्यायाधीश के समक्ष दाखिल इस जनहित याचिका में कहा गया है कि मठ की संपत्ति के गबन को लेकर विवाद है। बड़े पुलिस अधिकारियों व भू माफिया के लिप्त होने की आशंका है। इस मामले में तीन लोगों को पकड़ा गया है। इसलिए घटना की जांच सीबीआई से कराई जाय अथवा न्यायिक जांच हो या फिर एसआइटी गठित की जाय।

Edited By: Umesh Tiwari