प्रयागराज, जेएनएन। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन चौरीचौरा शताब्दी समारोह वर्ष की तैयारी में जुटा है। इसके तहत ट्रेन का कलेवर भी बदला जा रहा है। गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज तक चलाई जाने वाली चौरीचौरा स्पेशल ट्रेन प्रयागराज जंक्शन से होकर जाती है। यह ट्रेन अब नए कलेवर में दौड़ेगी। 

चौरीचौरा ट्रेन में चार फरवरी से एलएचबी कोच लगाया जाएगा

दरअसल, चौरीचौरा की एतिहासिक घटना के 100 वर्ष पूरा होने पर प्रदेश सरकार शताब्दी समारोह मनाएगी। रेलवे ने भी इस उपलक्ष्य पर 05003/05004 गोरखपुर-कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर चौरीचौरा स्पेशल ट्रेन में यात्रियों का सफर और आरामदायक बनाने के लिए कोच में बदलाव करेगा। यह गाड़ी चार फरवरी से गोरखपुर से और पांच फरवरी से कानपुर अनवरगंज से एलएचबी कोच लगाकर चलाई जाएगी। अभी चौरीचौरा ट्रेन कंवेंशनल रैक से चलाई जा रही है। कुल 22 कोच वाली चौरीचौरा कोहरे की वजह से आंशिक रूप से चलाई जा रही थी। सोमवार से यह नियमित रूप से चलाई जाने लगी है।

पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ बोले-यात्रियों का आरामदायक होगा सफर

पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि एलएचबी कोच में यात्रियों को झटके महसूस नहीं होंगे। साथ ही यात्रा और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से रेलवे ने एलएचबी कोच लगाने का निर्णय लिया है।

लिच्छवी में भी लगाए गए एलएचबी कोच

04006/04005 आनंद विहार-सीतामढ़ी-आनंद विहार के बीच चलने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस मेें भी 29 जनवरी से एलएचबी कोच लगाए गए हैं। नए रंगरूप की ट्रेन देखकर यात्री अचरज में पड़ गए। एक बार पूछकर गाड़ी में सवार हुए। इस कोच में यात्रियों को झटके नहीं लगते हैं। हादसे में भी जानमाल का कम से कम नुकसान होता है। दुर्घटना होने पर कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते हैं। कुल मिलाकर नए कलेवर की लिच्छवी एक्सप्रेस अब पहले से आकर्षक और सुरक्षित है।

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