प्रयागराज, जागरण संवाददाता। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर (ईडीएफसी) पर अब मालगाड़ियां रफ्तार भरती नजर आएंगी। गुरुवार को न्यू प्रयागराज छिवकी से न्यू चुनार तक बने फ्रेट कारीडोर रूट पर 85-90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी को दौड़ाया गया। ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। अब नियमित तौर पर मालगाड़ियों के संचालन के लिए हरी झंडी मिल गई है। नवंबर में नियमित संचालन शुरू हो जाएगा।

एनसीआर के पीसीएसओ ने किया ट्रैक पर ट्रायल : उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी (पीसीएसओ) एमके गुप्ता की अगुवाई में निरीक्षण शुरू हुआ। जगह-जगह स्टेशन मास्टर से वार्ता की गई। पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल तक 1839 किमी का ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। डीएफसी रूट पर केवल मालगाड़ी चलेंगी।

डीएफसी रूट पर मालगाडि़यां : डीएफसी रूट पर खुर्जा से भाऊपुर तक और रूमा से सुजातपुर तक मालगाड़ी चलाई जा रही है। अब न्यू छिवकी से चुनार तक भी मालगाड़ियां इस ट्रैक पर दौड़ सकेंगी।

दिल्ली-हावड़ा रूट की मालगाड़ियां इसी रूट पर स्थानांतरित होंगी : मुख्य महाप्रबंधक ओम प्रकाश ने बताया कि 117.5 किमी लंबे रेलखंड पर ट्रायल सफल रहा है और अब इस रूट पर मालगाड़ियों का नियमित संचालन होगा। इससे दिल्ली-हावड़ा रूट पर चल रही मालगाड़ियां इसी रूट पर स्थानांतरित होगी। गुड्स का तेजी से गंतव्य तक पहुंचना आसान होगा। यात्री गाड़ियों की लेटलतीफी घटेगी और प्रयागराज से पंडित दीन दयाल उपाध्याय के बीच अब सफर अधिक सुगम हो जाएगा।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता : ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर

(ईडीएफसी) पर अब मानिकपुर की ओर से आने वाली मालागाड़ियां भी रफ्तार भरती नजर आएंगी। हावड़ा-मुंबई रूट पर स्थित इरादतगंज स्टेशन से अब डीएफसी लाइन और भारतीय रेल लाइन दोनों जुड़ गई है। इससे यहां पर जंक्शन जैसी व्यवस्था हो गई है। इरादतगंज में भी अब इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग होगा ट्रेनों का संचालन इससे अब इरादतगंज से चुनार तक फ्रेट कारीडोर रूट पर 85-90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी दौड़ सकेगी। इससे पहले न्यू प्रयागराज छिवकी से न्यू चुनार तक बने फ्रेट कारीडोर रूट पर मालगाड़ी के संचालन का ट्रायल सफल रहा है। ऐसे में अब मानिकपुर से आने वाली ट्रेनों को भी डीएफसी रूट पर आसानी से भेजा जा सकेगा।

नवंबर में नियमित संचालन

ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर पर अगले महीने से नियमित तौर पर मालगाड़ियों के संचालन के लिए हरी झंडी मिल गई है। नवंबर में नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। अब कोई कार्य अवशेष नहीं है, बस मालगाड़ियों के इस रूट पर स्थानांतरण की प्रक्रिया और समय सारिणी तैयार करना है। अभी जगह-जगह स्टेशन मास्टर से वार्ता की जा रही है और उनसे भी सुझाव लिए जा रहे हैं।

पंजाब से पश्चिम बंगाल तक जाएगी मालगाड़ी

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर विशेष तौर पर मालगाड़ियों के लिए बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से पंजाब से पश्चिम बंगाल तक बिना किसी गति अवरोध के मालगाड़ियों का संचालन हो सकेगा। पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल तक 1839 किमी का ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। डीएफसी रूट पर केवल मालगाड़ी चलेंगी। डीएफसी रूट पर खुर्जा से भाऊपुर तक व रूमा से सुजातपुर तक मालगाड़ी चलाई जा रही है। न्यू छिवकी से चुनार तक भी मालगाड़ियां इस ट्रैक पर दौड़ सकेंगी। उसी क्रम में अब इरादतगंज से भी डीएफसी रूट पर ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।

क्या कह रहे मुख्य महाप्रबंधक

ईडीएफसी के मुख्य महाप्रबंधक ओम प्रकाश ने बताया कि मानिकपुर रूट से आने वाली ट्रेनें अब इरादतगंज से डीएफसी लाइन पर मिल जाएंगी। रेलखंड पर ट्रायल सफर रहा है और अब इस रूट पर मालगाड़ियों का नियमित संचालन होगा। इससे मुंबई हावड़ा रूट व दिल्ली-हावड़ा रूट पर चल रही मालगाड़ियां इसी रूट पर स्थानांतरित होगी। गुड्स का तेजी से गंतव्य तक पहुंचना आसान होगा। यात्री गाड़ियों की लेट लतीफी घटेगी और प्रयागराज से पं. दीन दयाल उपाध्याय के बीच अब सफर अधिक सुगम हो जाएगा। पर अब मालागाड़ियां रफ्तार भरती नजर आएंगी। गुरुवार को न्यू प्रयागराज छिवकी से न्यू चुनार तक बने फ्रेट कारीडोर रूट पर 85-90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी को दौड़ाया गया। ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा । अब नियमित तौर पर मालगाड़ियों के संचालन के लिए हरी झंडी

Edited By: Brijesh Srivastava

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