प्रयागराज, जेएनएन। पतित पावनी मां गंगा के जल को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए सरकार तमाम योजनाएं चला रही है। इस पर करोड़ों रुपये खर्च भी हो रहे हैं। इसके बाद भी गंगा में नालों का गंदा एवं अपशिष्ट पानी जाना बंद नहीं हुआ। गंदा पानी गंगा नदी में पहले भी गिर रहा था और अब भी बदस्तूर जारी है। नगर विकास मंत्री की चेतावनी के बाद भी नालों का पानी गंगा में जाना बंद नहीं हो पाया है। सवाल उठता है कि क्‍या यह विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता को प्रदर्शित नहीं करता।

फाफामऊ में कालोनी का गंदा पानी गंगा में मिल रहा

यह समस्‍या प्रयागराज में है। जिले के फाफामऊ में बसी शांतिपुरम कालोनी के विभिन्न सेक्टरों से निकला गंदा और अपशिष्ट पानी शांतिपुरम के सेक्टर ए नाले से होता हुआ बगैर फिल्टर हुए सीधे गंगा नदी में गिर रहा है। गंदा और बदबूदार मलवा सहित पानी गंगाजल को प्रदूषित कर रहा है। लोगों का कहना है कि कुछ महीनों बाद माघ मेला शुरू होगा। माघ मेला में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचेंगे और मोक्ष दायिनी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करेंगे। अगर पहले से ही जिले के आला अफसरों ने गंगा में मिलने वाले नाले के पानी को रोकने का प्रबंध नहीं किया तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

केंद्र व प्रदेश सरकार ने चलाई है मुहिम

गंगाजल को स्वच्छ रखने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने मुहिम चलाई है। योजनाओं पर कार्य भी हो रहे हैं। इसके अलावा संस्थाओं ने भी गंगाजल को साफ रखने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद भी गंगा में गंदा पानी मिल रहा है। यह सोचने का विषय है।

सीवेज सिस्टम निर्माणाधीन

फाफामऊ की शांतिपुरम कालोनी के सेक्टर ए मोहल्ले में करीब तीन वर्षों से बन रही एसटीपी अभी तक तैयार नहीं हो सकी है। एसटीपी का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लोगों का कहना है कि इस एसटीपी के चालू होने के बाद शांतिपुरम कालोनी से निकलकर नालों के जरिए मिलने वाला गंदा और अपशिष्ट पानी गंगा में जाना बंद हो जाएगा।

Edited By: Brijesh Srivastava