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    पुत्र के कल्याण के लिए आज व्रत हैं तो करिए इस मंत्र का जाप, गजानन हो जाएंगे प्रसन्न

    By Ankur TripathiEdited By:
    Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:47 AM (IST)

    ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी बताते हैं कि शुक्रवार की सुबह 7.27 बजे से चतुर्थी तिथि लग जाएगी जो शनिवार की सुबह 7.24 बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र सुबह 8.42 तक है। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। सौभाग्य योग दोपहर 2.26 बजे तक है।

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    माघ मास कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि पर आज शुक्रवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है।

    प्रयागराज, जागरण संवाददाता। माघ मास कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि पर आज शुक्रवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। यह भगवान गणेश के प्राकट्य की तिथि मानी जाती है। इसमें महिलाएं पुत्र की सलामती व समृद्धि के लिए दिनभर व्रत रखकर चंद्रोदय होने पर पूजन करेंगी। पूजन में गन्ना, शकरकंद, तिल के लड्डू, फल आदि अर्पित करके कथा का पाठ करेंगी। पूजन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पुत्र के कल्याण की कामना करेंगी। प्रयागराज समेत यूपी और आसपास के राज्यों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं आज व्रत रहती हैं। 

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    सुबह 7.27 बजे से चतुर्थी तिथि जो शनिवार सुबह 7.24 बजे तक

    ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी बताते हैं कि शुक्रवार की सुबह 7.27 बजे से चतुर्थी तिथि लग जाएगी, जो शनिवार की सुबह 7.24 बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र सुबह 8.42 तक है। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। सौभाग्य योग दोपहर 2.26 बजे तक है। उसके बाद शोभन योग लगेगा। चंद्रोदय रात 8.43 बजे होगा। चंद्रोदय होने पर भगवान गणेश का पूजन करके अर्घ्य देना उचित रहेगा।

    व्रत में इन बातों का करें पालन

    पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार गणेश चतुर्थी पर दिनभर उपवास रखकर गणेश चतुर्थी व्रत कथा अथवा गणेश चालीसा का पाठ करना चाहिए। गणेशाय नम: मंत्र का 108 बार जाप करके व्रत को पूर्ण करें। ऐसा करने से जीवन पुत्र के जीवन की समस्त रुकावटें दूर हो जाती हैं। गणपति व्रती के परिवार को सुख-समृद्धि, ज्ञान और बुद्धि प्रदान करते हैं। ऐसे में बेहतर है कि बेटे के कल्याण के लिए महिलाएं इन बातों का जरूर ख्याल रखें ताकि व्रत रखने का पूरा लाभ मिल सके।