प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज में दुर्गा पूजा की प्राचीन परंपरा है। यहां एक से बढ़कर एक दुर्गा पूजा पंडाल सजते रहे हैं। विशाल और भव्‍य पूजा पंडाल शारदीय नवरात्र में भक्‍तों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं। हालांकि इन्‍हीं में से कुछ पूजा पंडालों की नक्‍काशी और कुछ अलग हटकर कलाकारी लोगों को खास पसंद आ जाती है। इस बार भी कुछ यही प्रयास शहर की कई दुर्गापूजा बारवारी कमेटियों की ओर से की गई हैं। यहां हम शहर के अल्‍लापुर इलाके के पूजा पंडाल की विशेषता आप तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। आप भी जब दुर्गा पूजा पंडालाें में मां की प्रतिमा का दर्शन करने जाएं तो यहां जाना मत भूलिएगा।

आजादी के अमृत महोत्‍सव की थीम पर अल्‍लापुर का है पूजा पंडाल : देश की आजादी के अमृत महोत्सव की थीम पर इस बार प्रयागराज शहर के अल्लापुर मोहल्‍ले में दुर्गा पूजा पंडाल को अंतिम रूप देने में कलाकार जुटे हैं। तीन रंगों से बनने वाला यह पूजा पंडाल लोगों में मां दुर्गा की भक्ति के साथ ही देश भक्ति का जज्‍बा भी उत्‍पन्‍न करेगा।

बाघम्‍बरी हाउसिंग स्‍कीम के पार्क में दुर्गा पूजा पंडाल लुभाएगा : अल्‍लापुर के बाघम्‍बरी हाउसिंग स्‍कीम स्थित शिवाजी पार्क में दुर्गा पूजा पंडाल को तैयार किया जा रहा है। दुर्गा पूजा बारवारी कमेटी की ऐसा भव्‍य पंडाल तैयार कराने के पीछे मंशा भी है। वह यह कि तीन केसरिया, सफेद और हरे रंग के कपड़ों से बनने वाला यह पूजा पंडाल लोगों में देश भक्ति के भाव को जागृत करेगा।

20 कारीगर 25 दिन से बना रहे भव्‍य पंडाल : बाघंबरी हाउसिंग स्कीम स्थिति शिवाजी पार्क में सजने वाले दुर्गा पूजा पंडाल को तैयार करने में कोलकाता से कलाकार आए हैं। 20 की संख्‍या में कारीगर पिछले 25 दिनों से पंडाल को दिन-रात सजा रहे हैं।

1000 स्‍क्‍वायर फीट में 100 बल्लियों व 2000 बांस से बना है पूजा पंडाल : दुर्गा पूजा के संयोजक अनुराग त्रिपाठी ने इस विशेष पंडाल की विशेषता बताई। उन्‍होंने बताया कि एक हजार स्क्वायर फिट में तैयार होने वाले इस पूजा पंडाल को दो हजार बांस, 100 बल्लियों की मदद से बनाया गया है। यह 65 फिट ऊंचा होगा।

कालिंदीपुरम में काशी विश्‍वनाथ धाम की तर्ज पर बना है भव्‍य पंडाल : शहर के कालिंदीपुरम में दुर्गा पूजा का इस बार 25वां वर्ष है। इस विशेष वर्ष के उपलक्ष्‍य में दुर्गा पूजा कमेटी का आयोजन और भव्‍य नजर आएगा। इस बार जिस पूजा पंडाल में मां दुर्गा विराजेंगी, वह वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर सजाया गया है। अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्त के संयोजन में पंडाल बनवाया गया है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यहां विशेष तैयारी की गई है। नवरात्र की नवमी तिथि तक पंडाल में मां का पूजन व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

Edited By: Brijesh Srivastava

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