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    Swachh Bharat Abhiyan: नगर निगम की तर्ज पर गांवों में भी गूंजने लगा 'गाड़ी वाला आया... घर से कचरा निकाल'

    By Brijesh SrivastavaEdited By:
    Updated: Sat, 02 Jul 2022 11:49 AM (IST)

    स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत प्रयागराज के कुछ गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्‍शन व निस्‍तारण की व्‍यवस्‍था की गई है। इसके लिए सफाई कर्मियों के अलावा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने के लिए कूड़ा एकत्रित करने का काम उन्हें दिया जाएगा।

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    प्रयागराज के कोरांव और भगवतपुर ब्लाक के 10-10 गांवों में घरों से कूड़ा कलेक्‍शन की व्यवस्था शुरू हुई है।

    प्रयागराज, जागरण संवाददाता। स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत शहर की तरह गांवों में भी साफ-सफाई की नियोजित व्यवस्था होगी। ठोस अपशिष्ट के साथ प्लास्टिक प्रबंधन भी होगा। प्रयागराज के गांवों में भी डोर टू डोर कचड़ा उठाने की पहल शुरू हो गई है। अभी जिले के कोरांव, भगवतपुर ब्लाक के 10-10 गांवों में घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू हुई है। ई-रिक्शा के जरिए घरों से कूड़ा एकत्रित होने लगा है। 

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    स्‍वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा रोजगार : प्रयागराज नगर निगम की तरह गांव में भी गाड़ी वाला आया घर से कूचरा निकाल...गाना गूंजने लगा है। गांव में भी डोर टू डोर कचड़ा उठाने की पहल शुरू हो गई है। अब शहर की तरह गांवों में भी साफ-सफाई की नियोजित व्यवस्था होगी। ठोस अपशिष्ट के साथ प्लास्टिक प्रबंधन भी होगा। कुछ गांवों में सफाई कर्मी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कूड़ा एकत्रित करने का काम उन्हें दिया जाएगा। सभी पंचायतों में इसे लागू होगी।

    पहले चरण में इन ब्‍लाकाें में कचरा निस्‍तारण की पहल : प्रथम चरण के तहत कोरांव व भगवतपुर ब्लाक की नौ-नौ ग्राम पंचायत में योजना शुरू हो गई है। गांव में कूड़ा डंपिंग और कचरा निस्तारण के लिए टीन शेड लगाया गया है। यहां प्लास्टिक का कचरा अलग कर उसे रिसाइकिल करने के लिए बेचा जाएगा। पंचायतों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से वर्मी कंपोष्ट खाद बनेगी, जिसे किसानों को खेती में प्रयोग करने के लिए दिया जाएगा। इस योजना के तहत स्वच्छता के मामले में ग्राम पंचायतों की रैकिंग भी जारी करने की भी योजना है।

    सीडीओ बोले- कूड़ा कलेक्‍शन के लिए दो ब्‍लाक चयनित : सीडीओ शिपू गिरि ने बताया राष्ट्रीय रुर्बन मिशन के तहत दोनों ब्लाकों का चयन भारत सरकार की ओर से हुआ है। अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत राज्य सरकार की ओर से 38 और गांवों का चयन हुआ है। वहां भी ई रिक्शा के साथ कूड़ा प्रबंधन होगा।

    इन गांवों का भी हुआ चयन

    - बहादुरपुर के दुबावल उपरहार व कोटवा।

    - बहरिया विकासखंड का गमरहटा व कहली

    - चाका का बालापुर व पुरवा खास

    - धनुपुर का जगदीशपुर व किराव

    - हंडिया का कसौधन वा टेला खास।

    - होलागढ़ का पूरब नारा।

    - जसरा का बुंदआवन व जारी

    - करछना का डीहा ऊपरहार व मुंगरी

    - कौंधियारा का अकोहा व कर्मा।

    - उरूवा का रामनगर ऊंचडीह

    - सोरांव में सेवाइत व शाहपुर।

    - शंकरगढ़ में देवरा।

    - सैदाबाद में बरेठी व दुमा दुमा ।

    -प्रतापपुर में बेला खास व जंघई।

    - - फूलपुर में सांवडीह व बीज काजी।

    - मेजा में लोटार एवं कोहरार।

    - मऊआइमा में बांका जलालपुर मऊआइमा।

    - मांडा में बामपुर उपरहार व बरहा।

    - कोराव में खीरी एवं माहुली।

    - कौड़िहार में असरावे कला व बिहका उर्फ पूरा मुफ्ती।

    गांवों में योजना पर नौ लाख रुपये खर्च होंगे : अब चुनी गई 38 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस योजना के लिए 1 ग्राम पंचायत में नौ लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें पांच लाख रुपये में एक सेट तैयार होगा। जबकि 1 लाख 60 हजार रुपये से ई-रिक्शा खरीदा जाएगा। 10-10 सामुदायिक सोख टैंक व खाद बनाने के लिए दो सामुदायिक गड्ढे बनाए जाएंगे।