प्रयागराज, जागरण संवाददाता। शौकीनों की कमी नहीं है। चाहे चमचमाती नई कार हो या फिर मनमाफिक मोबाइल नंबर, लोग इसके लिए जुगाड़ लगाते रहे हैं और अतिरिक्‍त रुपये भी देने को तैयार रहते हैं। मोबाइल कंपनियां भी इसकी व्‍यवस्‍था करती हैं। अब डिमांड को देखते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से वीआइपी नंबर लेने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इस खबर के माध्‍यम से आप जान सकेंगे कि वीआइपी नंबर लेने के लिए क्‍या करना होगा।

वीआइपी नंबर के लिए अभी तक कुछ रुपये जमा करने पड़ते हैं

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के ग्राहकों द्वारा वीआइपी नंबर लेने के लिए अब रजिस्ट्रेशन के दौरान ही निर्धारित कीमत की आधी धनराशि जमा करनी होगी। उसके बाद आधी धनराशि आप को नंबर लेने के दौरान जमा करनी पड़ेगी। हालांकि पहले वीआइपी नंबर की बुकिंग कराने के दौरान महज 100 से 200 रुपये ही जमा करने पड़ते थे।

आनलाइन रजिस्‍ट्रेशन के दौरान ही आधा शुल्‍क देना होगा

इसे उदाहरण से भी समझ सकते हैं। जैसे वीआइपी नंबर की कीमत अगर पांच हजार रुपये है तो आप को आनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान ही 2500 रुपये जमा करने पड़ेंगे। बिना आधा शुल्क जमा किए रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। वीआइपी नंबर की बिक्री प्रक्रिया में बदलाव करने का मुख्य कारण है कि लोग रजिस्ट्रेशन कराने के बाद नंबर को जरूर लें। वरना कई बुक कराने के बाद नहीं मिलता था।

बुकिंग कराने के बाद लोग वीआइपी नंबर जरूर लें

बीएसएनएल के एक अधिकारी ने बताया कि कई लोग नंबर तो बुक करान लेते हैं लेकिन उसे खरीदते नहीं हैं। ऐसे में दूसरे उपभोक्ताओं को भी वह नंबर नहीं मिल पाता। जो बुकिंग कराएं, वे वीआइपी नंबर को जरूर लें, इसके लिए यह बदलाव किया गया है।

बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक सेल्‍स बोले

बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक सेल्‍स विनोद सिंह ने कहा कि नंबर की उपयोगिता को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। कई लोग ऐसे हैं जो अक्सर नंबर तो बुक कर लेते हैं लेकिन खरीदते नहीं हैं। इससे दूसरे लोगों को भी वह वीआइपी नंबर मिलने में परेशानी होती है। जिसकों ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है।

Edited By: Brijesh Srivastava