यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या कसूर था उस मासूम का, प्रयागराज में पत्नी से झगड़े में 21 दिन की बच्ची को मार डाला
21 दिन की बच्ची को बेरहमी से उसके पिता ने ही मार डाला। इस बारे में जानकर गांव वाले सन्न ...और पढ़ें

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। गुस्सा तबाही ला रहा है। परिवार तोड़ रहा है तो जानलेवा भी साबित हो रहा है। प्रयागराज के यमुनापार इलाके में मेजा के भईया गांव में मंगलवार सुबह दिलदहला देने वाली घटना में एक व्यक्ति ने अपनी 21 दिन की नवजात बेटी की गला घोटकर हत्या कर दी। वह पत्नी को बुलाने के लिए ससुराल गया था। वहां पत्नी से झड़प होने के बाद तैश में आकर उसने बच्ची को ही मार डाला। ससुरालवालों और ग्रामीणों ने आरोपित को पकड़ लिया। फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
विवाह के बाद से ही रहती थी अनबन
भईया गांव निवासी सुनीता का विवाह लगभग छह साल पहले मेजा के नारी गांव निवासी सुशील कुमार पाल से हुआ था। सुशील कुमार पेट्रोल पंप सहित मोबाइल टावरों में डीजल की सप्लाई का काम करता है। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच किसी न किसी बात पर अक्सर विवाद होता था। इसी विवाद के चलते सुनीता पिछले कई दिनों से भईया गांव स्थित अपने मायके में रह रही थी। यहीं पर उसने 21 दिन पहले एक पुत्री को जन्म दिया था। उसने पुत्री का नाम शिवानी रखा था। मंगलवार सुबह सुशील पत्नी को बुलाने ससुराल पहुंचा। उसने सुनीता से साथ चलने के लिए कहा तो उन दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। तीखी कहासुनी होने लगी तो आक्रोश में आकर सुशील ने वहीं चारपाई पर सो रही 21 दिन की पुत्री का गला दबा दिया। यह देखकर सुनीता चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य कमरे में पहुंचे और जब तक सुशील का हाथ खींचकर गर्दन से हटाते बच्ची की मौत हो चुकी थी। बच्ची का निर्जीव शरीर देख सब स्तब्ध रह गए। ससुराल वालों ने सुशील को घेर लिया। पड़ोसी भी आ गए। सबने मिलकर उसे पकड़ लिया। कुछ देर में खबर पाकर इंस्पेक्टर अरुण चतुर्वेदी व चौकी प्रभारी कोहड़ार विनोद सिंह वहां पहुंचे और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पत्नी-पत्नी के बीच विवाद में यह घटना हो गई। मुकदमा भी लिखा गया है।
बेरहम पिता की हरकत से सभी सन्न
21 दिन की बच्ची को बेरहमी से उसके पिता ने ही मार डाला। इस बारे में जानकर गांव वाले सन्न रह गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि एक पिता भी ऐसा कर सकता है। लोगों के बीच दिनभर इसी घटना को लेकर चर्चा होती रही। घर के भीतर सुनीता विलाप करती रही तो लोग गम में डूबे रहे।
