यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Aligarh News : ओशो पूना आश्रम को बचाने के लिए उठी आवाज, ट्रस्टी के सदस्यों पर बेचने का आरोप
Aligarh News ओशो अनुयायियों ने महाराष्ट्र के पूना स्थित ओशो आश्रम को किसी बड़ी कंपनी के हाथों बेचने का आरोप ...और पढ़ें

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। Aligarh News : महाराष्ट्र के पूना स्थित ओशो आश्रम को किसी बड़ी कंपनी को 107 करोड़ रुपये में बेचने का ट्रस्टी के सदस्यों पर आरोप लगाया है। अनुयायियों का कहना है कि ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन के सदस्यों ने पूरे विश्व में उनकी पुस्तक को होने वाली बिक्री का दुरुपयोग किया है। साथ ही कोरोना काल में लंबे समय से आश्रम बंद रहने के का हवाला देते हुए फाउंडेशन के सदस्यों ने करोड़ों का घाटा दिखाकर आश्रम के महत्वपूर्ण हिस्सों को बेचने का प्रयास किया। इतना ही नहीं सदस्यों ने ओशो की समाधि स्थल पर उनके सन्यासियों को जाने पर पूर्णतया रोक लगा दी है।
कंपनी पर एडवांस लेने का आरोप
मंगलवार को रामघाट रोड स्थित आभा रीजेंसी होटल में मीडिया से बातचीत में अनुयायी स्वामी प्रेम अतुल ने बताया कि आश्रम में बाशो स्वीमिंग पूल एक बड़े भू भाग में निर्मित है। कंपनी से 50 करोड़ रुपये एडवांस भी लिया गया। आश्रम के ट्रस्टी सदस्य पूना धनलोलुपता के चलते इसे बेचना चाहते हैं। सन्यासी मित्र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मिल कर बचाने की मांग चुके हैं।
15 नवंबर को पुन: लगायी जाएगी बोली
आरोप है कि चैरिटी कमिश्नर द्वारा 15 नवंबर को बाशो स्वीमिंग पुल की बिक्री के लिए पुन: बोली लगाए जाने की तिथि निर्धारित की गई है। इस बिक्री के विरुद्ध बोली की तिथि से पहले उच्च न्यायालय द्वारा स्टे मिलने की संभावना है। स्वामी मनोज गोयल ने अनुयायियों से अपील की गई है कि आश्रम बचाने के लिए एकजुट हों। मांग करने वालों में स्वामी धर्मदेव दत्त, मैत्रेयी, वैदेही, प्रेम आनंद, प्रेम अतुल, देव अविनाश व मनीष उपस्थित रहे।
