अलीगढ़, जेएनएन। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शिक्षण संस्थान भी आगे कदम बढ़ा रहे हैं। टीकाराम कन्या महाविद्यालय ने कुछ ऐसे ही प्रयास किए हैं। यहां अध्ययनरत छात्राओं को अब रोजगार परक शिक्षा भी मिलेगी। महाविद्यालय को बीबीए, बीसीए और बीएससी (सीएस) कोर्स संचालित करने की अनुमति डा. भीमराव आंबेडकर विवि, आगरा से मिल चुकी है। यही नहीं, बीए और बीएससी कर रहीं छात्राओं को भूगोल विषय की पढ़ाई करने का विकल्प भी विश्वविद्यालय ने दिया है। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

बीबीए, बीसीए व बीएससी सीएस में 60- 60 सीटें

महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता ने प्रबंध समिति के सचिव हरिप्रकाश गुप्ता ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीबीए, बीसीए और बीएससी (सीएस) में 60-60 सीटेें हैं। अगले हफ्ते से कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। प्राचार्य डा. लकी गुप्ता ने बताया कि सेल्फ फाइनेंस के तहत नई शिक्षा नीति के अनुरूप नए व्यावसायिक कोर्स संचालित किए गए हैं। प्रत्येक वर्ष दो सेमेस्टर होंगे और दो बार ही परीक्षाएं होंगी। उन्होंने बताया कि बीसीए की फीस प्रति सेमेस्टर आठ हजार रुपये रखी गई है। बीएससी (सीएस) की फीस प्रति सेमेस्टर दो हजार रुपये और बीबीए की फीस प्रति वर्ष सात हजार रुपये है। वैकल्पिक विषय के तौर पर बीए और बीएससी की जो छात्राएं भूगोल की पढ़ाई करना चाहती हैं, उन्हें एक हजार रुपये प्रति सेमेस्टर के हिसाब से फीस देनी होगी। दिव्यांग छात्राओं के लिए पांच फीसद का कोटा है।

ऐसे रहेंगी सीटें आरक्षित

ओबीसी के लिए 27, एससी-एसटी के लिए 21 फीसद और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसद सीटें आरक्षित हैं। डा. रेखा आर्य ने कहा कि छात्राओं को रोजगार दिलाने की दिशा में भी महाविद्यालय कदम बढ़ा रहा है। कई कंपनियों से करार किया जाएगा। प्राक्टर डा. बृजरानी शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत सेमिनार कराए जा रहे हैं, जिससे छात्राओं को ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिल सके। महाविद्यालय परिसर में इंडोर व आउटडोर खेल का मैदान तैयार कराया गया है।