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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गरीबों को बनाते थे निशाना, लालच देकर बच्चों को ले जाते थे साथ

By JagranEdited By:
Published: Tue, 29 Jun 2021 01:47 AM (IST)

बिहार के कटिहार जिले से दिल्ली जाने वाली कामाख्या नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस से बच्चों को ले जाने वाला गैंग पकड़ ा है।

गरीबों को बनाते थे निशाना, लालच देकर बच्चों को ले जाते थे साथ
गरीबों को बनाते थे निशाना, लालच देकर बच्चों को ले जाते थे साथ

जागरण संवाददाता, अलीगढ़: बिहार के कटिहार जिले से दिल्ली जाने वाली कामाख्या नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस से बरामद आठों बच्चे गरीब परिवारों के हैं। पकड़े गए तस्करी के चारों आरोपितों से पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली हैं। गिरोह से जुड़े सदस्य गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे और उन्हें पैसों का लालच देकर बच्चों को साथ ले जाते थे।

आरपीएफ इंस्पेक्टर चरन सिंह तोमर के अनुसार आरोपितों ने बताया कि बिहार में गरीबी अधिक होने पर स्वजन पैसों के लालच में बच्चों को उन्हें सौंप देते हैं। नाबालिग बच्चे इस गिरोह की पहली पसंद रहते थे। क्योंकि वे बाल श्रम के दौरान विरोध नहीं कर पाते हैं। स्वजन से बच्चों के उम्र संबंधी में दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। इसके बाद इन बच्चों को बिहार से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व अन्य प्रांतों में ले जा कर उनसे बाल श्रम कराया जाता है। तस्कर इन बच्चों को ट्रेन में रिजर्वेशन कराकर ले जाते थे। तस्कर इतने चालाक हैं कि पकड़े जाने के डर से अलग-अलग कोचों में सफर कराते हैं। दिल्ली स्टेशन पर अधिक पूछताछ रहने के कारण पहले ही किसी छोटे स्टेशन बच्चों को उतारकर अपनी निजी गाड़ी से अलग-अलग तयशुदा जगहों पर काम कराने के लिए भेज देते हैं।

रात में ही सक्रिय हुई टीम

बच्चों को बिहार से दिल्ली ले जाने के इनपुट पर आरपीएफ, जीआरपी के अलावा उड़ान सोसायटी, चाइल्ड लाइन आदि की टीमें सक्रिय हो गईं और उन्होंने ट्रेन से सभी आठों बच्चों को अलग-अलग कोचों से बरामद कर लिया।

कोरोना टेस्ट कराया

ट्रेन से मिले बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। जहां से समिति की अध्यक्ष नीरा वाष्र्णेय ने सभी बच्चों का कोरोना टेस्ट कराया। जिसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। समिति के निर्देश पर बच्चों को तालानगरी स्थित सेवियो शेल्टर होम में रखा गया है। बच्चों के स्वजन को भी खबर दे दी गई है।

खंगाले जा रहे तार

आरपीएफ व जीआरपी इस गिरोह के सदस्यों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क व गिरोह के सदस्यों के तार को खंगालने में जुट गई हैं। यह भी पता किया जा रहा है कि गिरोह अब तक कितने बच्चों की तस्करी कर चुका है।

ये रहे टीम में शामिल

जीआरपी इंस्पेक्टर अब्दुल मुईज, आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर, बचपन बचाओ आंदोलन से अरशद मेहंदी, राकेश कुमार, जय कुमार, दिलीप कुमार, विनोद कुमार, ओमवीर, चाइल्ड लाइन निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा आदि थे।

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