अलीगढ़[जेएनएन]: सीएए को लेकर बाबरी मंडी में हुई सांप्रदायिक ङ्क्षहसा में पूरी आग लगाने की कोशिश की गई। इसमें एक पत्र का जिक्र था, जिसमें आतंकवादी हाफिज सईद का फतवा लिखा था। इसी तरह के पर्चे अब दोबारा बांटे गए हैैं। इसमें बताया गया है कि फतवे का यह पत्र पाकिस्तान से आया है, जिसमें प्रधानमंत्री पर अप्रत्यक्ष रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ देश विरोधी बातें लिखी हुई हैैं। साथ ही ङ्क्षहदुओं से जाग्रत होने की अपील की गई है। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बाबरी मंडी में हुआ था सांप्रदायिक विवाद

ऊपरकोट में 23 फरवरी के बवाल के दौरान बाबरी मंडी में सांप्रदायिक विवाद हुआ था। इसमें तारिक को गोली लगी थी। 20 दिन बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में तारिक ने दम तोड़ दिया। इस दौरान बाबरी मंडी में रह रही मिश्रित आबादी सहमी रही। कभी ङ्क्षहदुत्ववादियों के घर पलायन के पोस्टर लगाए गए। जुमे की नमाज से पहले 11 मार्च को हालात ऐसे बने कि अराजकतत्वों के डर से लोगों ने रातभर जागकर काटीं। इसी दौरान यहां बजरिया क्षेत्र में पर्चे बांटे गए थे, जिसमें आतंकवादी हाफिज सईद का फतवा लिखा था।

दुकानों पर बांटे पर्चे

 कहा था कि इस पत्र को भारत की साढ़े तीन लाख मस्जिद में जुमे के दिन पढ़ाया गया है। इसमें प्रधानमंत्री से लेकर देश के लिए आपत्तिजनक बातें लिखी हुईं थीं। इसी संदेश से ङ्क्षहदुत्ववादियों को जागरूक करने की अपील थी। कहा था कि हर व्यक्ति कम से कम दो हजार लोगों तक यह संदेश पहुंचाकर जागरूकता फैलाए। यह पर्चे बजरिया के अलावा प्रमुख दुकानों पर भी बांटे गए थे।

अज्ञात के खिलाफ मुकदमा

इधर, लापरवाही व लगातार माहौल बिगाडऩे की हो रही कोशिशों के चलते एसएसपी ने बाबरी मंडी चौकी इंचार्ज कपिल कुमार को सस्पेंड कर दिया था। कपिल 23 फरवरी को ङ्क्षहसा के दौरान मूकदर्शक बने हुए थे, जिसके चलते दो सिपाही फंस गए थे और दूसरी तरफ तारिक को गोली भी लग गई थी। कोतवाली इंस्पेक्टर रवेंद्र सिंह ने बताया कि हाफिज सईद के फतवे से जुड़े पर्चे बांटे गए थे। इस पर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जांच की जा रही है।

बाबरी मंडी में खुली दुकानें

भाजपा नेता विनय वाष्र्णेय की गिरफ्तारी के बाद से बाबरी मंडी में बना तनाव सोमवार को चहलकदमी में तब्दील हो गया। पुलिस फोर्स तैनात था, लेकिन इलाके में हालात सामान्य थे। सोमवार को लोगों ने दुकानें खोलीं। कुछ दुकानें बंद थीं, जिन्हें दोपहर बाद खुलवा दिया गया।

Edited By: Sandeep Saxena