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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली जा रहे राकेश टिकैत को पुलिस ने रोका, टप्पल थाना लेकर पहुंची; बड़ी संख्या में पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता

Published: Wed, 04 Dec 2024 03:27 PM (IST)Updated: Wed, 04 Dec 2024 03:32 PM (IST)

Kisan Andolan दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ...और पढ़ें

टप्पल थाने पर लगातार बढ़ती जा रही है किसानों की संख्या
टप्पल थाने पर लगातार बढ़ती जा रही है किसानों की संख्या

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नोएडा के प्वाइंट जीरो पर किसानों की महापंचायत में शामिल होने जा रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को बुधवार को प्रशासन ने यमुना एक्सप्रेसवे पर रोक दिया। एक मकान में समर्थकों को नजरबंद रखा। टिकैत मौका लगते ही हाईवे पर पहुंचकर कैंटर में बैठ गए, जिसे पुलिस ने रोक लिया और टिकैत को टप्पल थाने ले आए। इससे किसान संगठनों के पदाधिकारी व किसानों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में किसान थाने पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। धरना शुरू कर दिया।

यहीं किसानों को टिकैत में संबोधित किया। प्रशासन और किसान नेताओं के बीच दिनभर तनावपूर्ण माहौल रहा। साढ़े आठ घंटे यानी शाम सात बजे तक राष्ट्रीय प्रवक्ता समर्थकों के साथ थाने में ही जमे रहे। राकेश टिकैत ने कहा कि नोएडा में चल रही मीटिंग के अनुरूप ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।नोएडा के प्वाइंट जीरो पर किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित महापंचायत की खबर मिलने पर अलीगढ़ पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया था। सुबह नौ बजे से ही यमुना एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। राकेश टिकैत दो दिन से यही आसपास के क्षेत्रों में रुके थे।

पुलिस ने सुबह से की थी घेराबंदी

बुधवार को टप्पल के नूरपुर मार्ग पर पहुंच गए। यहां किसान विजय तालान के घर पर थे। सुबह से ही इस घर को पुलिस ने घेर लिया। यहां से पुलिस को चकमा देते हुए कैंटर में सवार हो गए। पुलिस ने वाहन को रोककर उन्हें उतरने को मजबूर कर दिया। इसके बाद टिकैत ने एक कार में सवार होने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें फिर से रोक दिया और बस में बिठाकर थाने ले आई।

राकेश टिकैत को थाने में बिठाए जाने की सूचना पर आसपास के क्षेत्र से भी किसान नेता थाने पहुंचने लगे। किसान नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध किया। नोएडा में गिरफ्तार किए गए 167 किसानों को रिहा न करने पर ट्रैक्टर-ट्राली से लखनऊ कूच करने की चेतावनी दी।

स्थिति को गंभीर होते देख डीआइजी प्रभाकर चौधरी, आइजी दीपक कुमार, एसएसपी संजीव सुमन और डीएम विशाख जी. मौके पर पहुंचे। राकेश टिकैत और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच घंटों तक वार्ता चली। राकेश टिकैत ने कहा, नोएडा में चल रही मीटिंग में जो भी निर्णय होगा, उसी के अनुरूप आगे की रणनीति तय की जाएगी। शाम सात बजे तक थाने में किसान नेता डटे रहे।