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    Problem of Infertility: क्‍यों बढ़ रही है बांझपन की समस्‍या, क्‍या हैं मुख्‍य कारण, बचने के लिए डा दिव्‍या चौधरी ने दिए टिप्‍स

    By Sandeep Kumar SaxenaEdited By:
    Updated: Wed, 17 Aug 2022 07:46 PM (IST)

    problem of infertility देरी से शादी तनाव व गलत खानपान भी बांझपन के लिए जिम्मेदार है। कई मामलों में पुरुष के कमजोर शुक्राणुओं की वजह से गर्भधारण नहीं हो पाता। समय पर उपचार किया जाए तो बांझपन से छुटकारा मिल सकता है।

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    वरिष्ठ स्त्री, प्रसूति व बांझपन रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या चौधरी ने दी अहम जानकारी।

    अलीगढ़, जेएनएन। महिलाओ में Infertility एक गंभीर समस्या है। इसमें महिलाओं को गर्भधारण में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आव्यूलेशन डिसआर्डर, फैलोपियन ट्यूब का बंद या क्षतिग्रस्त होना, एंडोमेट्रियोसिस, बच्चेदाने व उसके मुंह से जुड़ी समस्या आदि इसके प्रमुख कारण हैं। देरी से शादी, तनाव व गलत खानपान भी बांझपन के लिए जिम्मेदार है। कई मामलों में पुरुष के कमजोर शुक्राणुओं की वजह से गर्भधारण नहीं हो पाता। समय पर उपचार किया जाए तो बांझपन Infertility से छुटकारा मिल सकता है।

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    हेलो डाक्‍टर में Dr Divya Chaudhary ने दिए अहम टिप्‍स

    यह सलाह बेला मार्ग, विष्णुपुरी स्थित जीवन हास्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर की वरिष्ठ स्त्री, प्रसूति व बांझपन रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या चौधरी ने दी। वह बुधवार को दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवान देने के लिए आमंत्रित की गई थीं।

    मेरी पांच साल की बेटी है। अब गर्भधारण नहीं हो पा रहा है। - रीना।

    - सर्वप्रथम फैलोपियन ट्यूब की जांच कराएं, वे बंद तो नहीं है। कई बार संक्रमण व अन्य कारण से ट्यूब बंद हो जाती है। पति के सीमन यानी स्पर्म की जांच करा लें, शुक्राणुओं की संख्या घट तो नहीं गई। अल्ट्रासाउंड की मदद से अंडों की स्थिति का पता कर सकते हैं। अभी इलाज कराएं, 35 के बाद अंडे कमजोर होने लगते हैं।

    मेरी शादी को नौ वर्ष बीत गए। काफी इलाज के बाद भी बच्चा नहीं हुआ है। बहुत तनाव में हूं। - सीमा।

    - देसी दवा या झोलाछापों के चक्कर में पड़कर काफी समय बर्बाद किया है। तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। सर्वप्रथम बेसलाइन अल्ट्रासाउंड करके बच्चेदानी व अंडों की स्थिति पता की जाएगी। फैलोपियन ट्यूब व पति के सीमन की जांच होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे का ट्रीटमेंट शुरू होगा।

    मेरी शादी देरी से हुई। अब 42 वर्ष की हूं। बच्चा चाहती हूं। जांच में बच्चेदानी में फाइब्रोड व ओवरी में गांठ (एंडोमेट्रियोसिस) है। - नीलम।

    इस आयु में अंडे या तो बनने बंद हो जाते हैं या उनकी क्वालिटी अच्छी नहीं होती। एंडोमेट्रियोसिस होने से आशंका और बढ़ जाती है। बच्चेदानी की जांच करके फाइब्रोड या रसौली आदि की स्थिति देखी जाएगी। आपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। पति की सीमन टेस्ट होगा। अंडे या सीमन दानदाता (बाहर से) से प्राप्त कर टेस्ट ट्यूब विधि से मां बन सकती है। देरी से शादी बांझपन का सबसे बड़ा कारण होता है।

    मैं पांच वर्ष के बच्चे की मां हूं। चार वर्ष पूर्व दो बार गर्भपात कराया। अब बच्चा चाहती हूं, मगर गर्भधारण नहीं हो पा रहा। - सावित्री।

    - ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रशिक्षित दाई व झोलाछाप से गर्भपात कराने की प्रवृत्ति ठीक नहीं। ये लोग पके हुए औजारों का इस्तेमाल नहीं करते। इससे बच्चेदानी में संक्रमण हो जाता है। भ्रूण को निकालते समय बच्चेदानी खुरचने से उसमें छेद या झिल्ली (एंडोमेट्रियोमा) खराब हो जाती है। बच्चेदानी की दीवार आपस में चिपक जाती है, जिसकी वजह से भ्रूण खराब हो जाता है। बच्चेदानी की एंडोस्कोपी कराएं। देर बिल्कुल न करें।

    मेरी आयु 33 वर्ष है। एक फैलोपियन ट्यूब निकल गई है। क्या गर्भधारण के लिए एक ट्यूब पर्याप्त है। - विनीता सक्सेना।

    बिल्कुल, यदि एक ट्यूब खुली हुई है तो बच्चा हो जाता है। यदि कोई समस्या होगी तो तीन-चार माह का इलाज चलेगा। ट्यूब में दिक्कत होने पर टेस्ट ट्यूब विधि का सहारा लेना पड़ेगा।

    मुझे ओवेरियन सिस्ट है। जिसका साइज 9.8 सेमी. है। इसक उपचार क्या है? - राजरानी।

    बहुत सी सिस्ट सामान्य (चार से छह सेमी. तक) होती हैं, जो खुद ही घुल जाती हैं। आपकी सिस्ट का साइज ज्यादा। इसे निकलवाना ठीक रहेगी। ऐसे आपरेशन अब दूरबीन विधि से हो जाते हैं।

    पुरुष भी कराएं अपनी जांच

    डा. दिव्या ने बताया कि ऐसी काफी महिलाएं बांझपन का उपचार कराने आती हैं, जिन्हें काफी समय गुजर गया होता है? जबकि, कमी उनमें नहीं पति में पाई गई। किसी के शुक्राणु की संख्या कम पाई गई तो कोई शीघ्रपतन से ग्रस्त पाया गया है। खानपान व दवा आदि के माध्मय से उनकी समस्या खत्म हो गई। अत: शुरुआत जांच दोनों को ही करानी चाहिए।

    इन्होंने भी लिया परामर्श

    सासनी गेट से महेंद्र सिंह, एटा चुंगी से अभिषेक, इगलास से सोनू, अलीगढ़ से वैभव, अकराबाद से नाजिम, सारसौल से सौरभ, आवास विकास कालोनी से कंचन, स्वर्ण जयंती नगर से अभिलाषा शर्मा आदि।