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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AMU आ रहे आइपीएस अब्दुर रहमान को पुलिस ने लौटाया, CAA धरने में होना था शामिल Aligarh news

By Sandeep SaxenaEdited By:
Published: Mon, 03 Feb 2020 09:20 AM (IST)Updated: Mon, 03 Feb 2020 04:45 PM (IST)

सीएए के खिलाफ एएमयू में चल रहे धरने में शामिल होने आ रहे महाराष्ट्र कैडर के आइपीएस ऑफिसर अब्दुर रहमान को रविवार दोपहर पुलिस ने लोधा थाने पर रोक लिया।

AMU आ रहे आइपीएस अब्दुर रहमान को पुलिस ने लौटाया, CAA धरने में होना था शामिल Aligarh news
AMU आ रहे आइपीएस अब्दुर रहमान को पुलिस ने लौटाया, CAA धरने में होना था शामिल Aligarh news

अलीगढ़ [जेएनएन]: सीएए के खिलाफ एएमयू में चल रहे धरने में शामिल होने आ रहे महाराष्ट्र कैडर के आइपीएस ऑफिसर अब्दुर रहमान को रविवार दोपहर पुलिस ने लोधा थाने पर रोक लिया। माहौल भड़कने की आशंका के चलते पुलिस ने उन्हें यहीं से लौटा दिया गया। इधर, शाहजमाल में महिलाओं का धरना पांचवें दिन भी जारी है। इसके साथ ही रविवार सुबह करीब 200 महिलाएं मथुरा हाईवे पुल पर आ गईं और जाम लगा दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने महिलाओं को समझाकर हटाया। इसे लेकर काफी देर हंगामा भी हुआ।

यह है मामला

सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में एएमयू छात्रों का धरना बाबे सैयद पर चल रहा है। रविवार को यहां महाराष्ट्र कैडर के आइपीएस ऑफिसर अब्दुर रहमान को आना था, जिन्होंने सीएए के विरोध में नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट हो गई। खैर कोतवाली पुलिस ने दोपहर करीब 12 बजे सुभाष चौक पर आइपीएस को अपने कब्जे में कर लिया। यहां से पुलिस उन्हें गाड़ी में लोधा थाने ले आई। यहां एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह और सीओ तृतीय अनिल समानिया ने उनसे कहा कि शहर में धारा 144 लागू है। अभी शहर का माहौल शांत है। उनके एएमयू में जाने से छात्र भड़क सकते हैं। आइपीएस ऑफिसर ने पुलिस की बात मानते हुए लौटने का फैसला किया।

दोबारा आएंगे अब्दुर रहमान

यह भी कहा कि शहर का माहौल शांत होने के बाद अनुमति लेकर दोबारा अलीगढ़ आएंगे। इधर, शाहजमाल के बाद रविवार सुबह कोतवाली क्षेत्र के मथुरा हाईवे पुल पर महिलाओं ने आकर रोड जाम कर दिया। धीरे-धीरे महिलाओं की बीड़ बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए तीन थानों का फोर्स बुलाया गया और जैसे-तैसे महिलाओं को समझाकर हटाया। फिर भी करीब दो घंटे महिलाएं सड़क किनारे मैदान में डटी रहीं। दोपहर करीब तीन बजे महिलाएं लौटीं।