पीजीआइ के प्रोफेसर बोले, वायरस को बाहर करने के लिए कोविड वार्ड में लगाए जाएं दो एग्जॉस्ट फैन
लखनऊ पीजीआई के प्रोफेसर संजय धिराज ने कहा कोविड वार्ड में एग्जॉस्ट फैन लगाए जाएं। ताकि वायरस को एग्जॉस्ट फैन के जरिए वार्ड से बाहर किया जा सके। वरना वायरस एसी में मूव करता रहेग
अलीगढ़ जेएनएन। लखनऊ पीजीआई के प्रोफेसर संजय धिराज ने कहा कोविड वार्ड में एग्जॉस्ट फैन लगाए जाएं। ताकि वायरस को एग्जॉस्ट फैन के जरिए वार्ड से बाहर किया जा सके। वरना वायरस एसी में मूव करता रहेगा। यह बात पीजीआइ के प्रोफेसर ने एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के समय कही। प्रोफेसर धिराज कोरोनावायरस को जड़ से मिटाने एवं बढ़ते पॉजिटिव मरीजों की संख्या को लेकर मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भेजे गए नगर विकास सचिव अनुराग यादव के साथ आए हुए थे।
आइसोलेशन वार्ड में विशेषज्ञों से ली जानकारी
लखनऊ से नगर विकास सचिव के साथ भेजे गए पीजीआइ के प्रो. संजय धिराज मंगलवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे। नोडल अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर के साथ कोविड वार्ड का भ्रमण किया। पीपीई किट पहनने और उतारने के तरीके से लेकर आइसोलेशन वार्ड में विशेषज्ञ की जानकारी ली। कोविड वार्ड में दो एडजस्ट फैन लगाने का सुझाव दिया। प्रिंसिपल डॉ. शाहिद, डॉ. हारिश, डॉ. इमरान सलीम अहमद आदि मौजूद रहे।
अन्य मरीजों को भी मिले उपचार
सचिव ने कहा कि हमें कोविड के मरीजों का इलाज तो करना ही है, अन्य मरीजों को भी सेवाएं देनी है। यदि कोई गर्भवती ही इमरजेंसी मेंं आ जाए तो प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसे लेबर रूम में भर्ती करें। किडनी के मरीज की डायलिसिस व अन्य गंभीर मरीजों की जांच भी साथ होती रहें, ऐसी व्यवस्था की जाए। सीडीओ ने बताया कि दीनदयाल में 100 बेड स्वीकृत हैं। इसकी क्षमता 140 बेड तक बढ़ा सकते हैं।
मरीजों की रिपोर्ट पर रार
सचिव ने बैठक के दौरान सीएमएस से पूछा कि कोरोना के भर्ती मरीजों की निगेटिव रिपोर्ट के बारे में आपको कैसे पता चलता है? सीएमएस ने एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा का नाम लिया। डॉ. शर्मा से पूछा तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज से सूचना मिलने की बात कही। सचिव ने कहा कि क्या सीएमएस सीधे पोर्टल पर मरीजों की अपडेट नहीं ले सकते? सुझाव आया कि संबंधित वेबसाइट की आइडी व पासवर्ड उपलब्ध करा दी जाए तो ऐसा संभव है। ऐसे में डाटा इंट्री के काम में जुटे पुष्पेंद्र शर्मा व मो. सलीम ने बताया कि आइडी व पासवर्ड सेपरेट हैं। इसे देने में कोई परेशानी नहीं, लेकिन यदि फीड किया हुआ डाटा बदल गया तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? ऐसे में सचिव ने हार्ड कॉपी के माध्यम से ही सूचना देने की बात कही।
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