अब राशन कार्ड के लिए भटकने की जरूरत नहीं, घर बैठे करें आनलाइन आवेदन और ये करें फालो
अगर आपका राशन कार्ड नहीं बना है तो अभी बनवाएं अब प्रक्रिया भी आसान हो गयी है। घर बैठे आनलाइन करें आवेदन और कुछ नियमों को फालों करें कुछ ही दिन में आपका राशन कार्ड बनकर तैयार हो जाएगा। राशन कार्ड दो कैटेगरी में बनाए जाते हैं।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल ‘पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराने की घोषणा की थी, लेकिन इस योजना का लाभ केवल वही लोग उठा सकते हैं जिनके पास राशन कार्ड है। अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं और आपके पास राशन कार्ड नहीं है तो पहले अपना राशन कार्ड बनवाएं। राशन कार्ड बनवाने के लिए आपको किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि डिजिटल इंडिया के तहत अब राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो गई है। राशन कार्ड दो कैटेगरी में बनाए जाते हैं। गरीबी रेखा से नीचे यापन करने वाले लोगों के लिए बीपीएल राशन कार्ड और गरीबी रेखा से उपर यापन करने वालों के लिए बिना बीपीएल राशन कार्ड होता है।
आवेदन के लिए पात्रता
भारत में 18 साल से अधिक उम्र का व्यक्ति राशन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है। आपके पास केवल एक ही राज्य का राशन कार्ड होना चाहिए। राशन कार्ड में एक मुखिया और परिवार के अन्य सदस्यों को नाम होता है।
इस तरह करें आवेदन
राशन कार्ड के लिए जहां पहले सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब आप घर बैठे राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने राज्य के फूड पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं तो आपको https://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx वेबसाइट पर जाना होगा। जहां राशन कार्ड का फाॅर्म डाउनलोड करना होगा। राशन कार्ड बनवाने के लिए आपको आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई आईडी देना होगा। आवेदन करने के बाद आपको 5 से 45 रुपये तक की फीस जमा करनी होगी। फाॅर्म सब्मिट होने के बाद इसे फील्ड वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया जाता है और ये वेरिफिकेशन 30 दिनों के भीतर पूरी होती है। वेरिफिकेशन पूरी होतेे ही आपका राशन कार्ड बनकर तैयार हो जाएगा।
जिले में करीब 1400 राशन की दुकानें
डीएसओ ने बताया कि जिले में राशन की कुल 1400 के करीब दुकानें हैं। इन दुकानों से करीब साढ़े छह लाख कार्ड धारक हैं। इनमें 24 हजार कार्ड धारक अंत्योदय श्रेणी के हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।